हरमनप्रीत को खेलरत्न मां बोलीं- बेटे पर मान है

भास्कर न्यूज | अमृतसर / जंडियाला गुरु भारतीय हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह को अपनी प्रतिभा और खेल के प्रति सच्ची निष्ठा के चलते इस साल का ” मेजर ध्यान चंद’ खेल रत्न अवार्ड दिया जाएगा। खेल रत्न खेला सर्वोत्तम अवार्ड है। हरमन इस वक्त ट्रेनिंग में व्यस्त हैं। इसलिए जंडियाला गुरु के गांव तिम्मोवाल स्थित अपने घर से बाहर हैं। दूसरी तरफ उनके घर पर जैसे ही उन्हें खेल रत्न मिलने की सूचना​ मिली तो सारा गांव परिवार को बधाइयां देने और खुशी बंटाने के​लिए हरमन के घर पहुंचा। हरमन की मां राजविंदर कौर ने बताया कि बेटे पर उन्हें नाज है। ऐसा बेटा वाहेगुरु हर किसी को दे। हरमन के पिता सरबजीत सिंह किडनी में इंफेक्शन के चलते इन दिनों बीमार चल रहे हैं। इसके बावजूद वह खुद को इस खुशी जश्न में शामिल होने से नहीं रोक पाए। उन्होंने कहा कि बेटे की मेहनत और देशभर के हॉकी प्रेमियों के सहयोग से यह संभव हो पाया है। हरमनप्रीत सिंह लीग मैच खेल रहे हैं, जब उन्हें इसकी जानकारी मिली तो उसी समय उन्होंने परिवार को वीडियो कॉल करके बधाई दी। हरमनप्रीत सिंह का जन्म 6 जनवरी 1996 को हुआ। बचपन में हरमनप्रीत खेतों में परिवार का हाथ बंटाते थे। खेतों में काम करते हुए उनके हाथों ने ड्रैग-फ्लिक के हुनर को पहचाना और वह मेहनत में जुट गए। डिफेंडर होते हुए भी हरमनप्रीत को अक्सर विपक्षी टीम के खिलाफ शानदार गोल कर जश्न मनाते देखा गया है। उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में टोक्यो 2020 ओलिंपिक में कांस्य पदक, 2023 एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक और पेरिस ओलिंपिक 2024 में ब्रांज मेडल शामिल रहा है। परिवार ने कहा िक पंजाब में नशा दिन-प्रतिदिन बढ़ रहा है। उन्होंने यूथ को खेलों में भाग लेने का संदेश दिया। ताकि वह तंदरुस्त रहने के साथ अपने पेरेंट्स और देश का नाम रोशन कर सकें। उनसे पहले 2017 सरदारा सिंह, 2021 में मनप्रीत सिंह, 2013 में शूटर राजन सोढ़ी को भी यह अवार्ड मिल चुका है। 2016 में जूनियर विश्व कप जीतने में निभाई अहम भूमिका हरमनप्रीत ने 2011 में सुल्तान जोहोर कप के जरिए भारतीय जूनियर टीम में डेब्यू किया। बेटे हरमनप्रीत को खेल रत्न मिलने की सूचना मिलने के बाद हरमन की भाभी को मिठाई खिलाती मां राजविंदर कौर।

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