बॉलीवुड रैपर-सिंगर बादशाह ने हरियाणवी फॉक सॉन्ग टटीरी का रैप वर्जन रिकॉर्ड किया है। इसी सिलसिले में सिंगर अपनी टीम के साथ सोनीपत के गांव असदनपुर-नांदनोर पहुंचे, यहां उन्हें बैल-बुग्गी पर बैठाकर गांव की गलियों में घुमाया गया। सरपंच मुकेश उर्फ बल्लू के घर पर देसी खाना खाया। गांव के स्कूल में कार्यक्रम के दौरान मंच से घोषणा की गई कि सिंगर बादशाह असदनपुर व नांदनोर गांवों के सरपंचों का सम्मानित करेंगे। इस पर सिंगर ने माइक थामकर कहा-वैसे तो इन लोगों को मुझे सम्मानित करना चाहिए था। फिर मजाकिया अंदाज में बोले-मासूम शर्मा वाली वीडियो तो देखी ही होगी आपने…। असल में जींद में एक कार्यक्रम के दौरान हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा ने चिल्लाकर पूर्व सरपंच को मंच से उतार दिया था। जिसको लेकर बड़ा मुद्दा बना हुआ है। सरपंच एसोसिएशन ने सिंगर को माफी मांगने के लिए 3 दिन की मोहलत दे रखी है। ढोल के साथ बुग्गी पर बैठाकर लाए ग्रामीण सिंगर बादशाह के गांव में पहुंचने की सूचना से ग्रामीण जुट गए। गांव की सीमा पर ढोल बजाकर उनका स्वागत किया गया और फूलमालाएं पहनाई गई। अनुराज आंतिल, सरपंच राजवीर आंतिल सहित अन्य व्यक्तियों ने उनका अभिनंदन किया। गांव की एंट्री पर उनके लिए विशेष रूप से बैल-बुग्गी मंगवाई गई। बुग्गी पर गद्दे बिछाए गए और करीब 500 मीटर तक उन्हें बुग्गी में बैठाकर राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल के मैदान स्थित कार्यक्रम स्थल तक ले जाया गया। बच्चों में दिखा जबरदस्त उत्साह बादशाह को देखने के लिए बच्चे दौड़ते हुए पहुंचे। कई बच्चे हाथों में उनके पोस्टर लिए खड़े नजर आए। कार्यक्रम स्थल तक पहुंचते-पहुंचते माहौल पूरी तरह उत्सवमय हो चुका था। बच्चों ने उनके साथ फोटो क्लिक करवाई और सेल्फी लेने की होड़ लग गई। सरपंच के घर देसी पकवानों का आनंद गांव पहुंचने के बाद बादशाह ने सरपंच मुकेश उर्फ बल्लू के घर पर देसी भोजन का आनंद लिया। घर में सरपंच की पत्नी और उनकी मां मक्की की रोटी बनाती नजर आई। वीडियो में बादशाह पीछे खड़े होकर पूछते दिखाई दिए कि “सरसों का है या किसी और का…”, जिस पर जवाब मिला कि सरसों का साग है। बादशाह की टीम के हिमाचल से आए एक सदस्य ने पूछा कि आप क्या कहना चाहोगे, तो बादशाह ने हंसते हुए कहा, “आज तक तूने मुझे कुछ नहीं खिलाया है…” इसके बाद उन्होंने सरसों का साग, मक्की की रोटी, मक्खन और लस्सी के साथ भोजन किया।
स्कूल को सोनी म्यूजिक सिस्टम किया भेंट गांव के राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल असदपुर नांदनोर में विद्यार्थियों के लिए बादशाह ने 40 हजार रुपए का सोनी कंपनी का म्यूजिक सिस्टम गिफ्ट किया। हरियाणवी संस्कृति और संगीत को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विद्यालय को यह स्पीकर सेट भेंट किया गया। मंच से बच्चों संग मस्ती, ‘पार्टी’ का एलान मंच से संबोधित करते हुए बादशाह ने बच्चों से पूछा कि आज स्कूल लगा था या छुट्टी थी। बच्चों ने जवाब दिया कि छुट्टी हो गई है। इस पर बादशाह ने कहा, “अब पार्टी करनी है… पार्टी करनी है तो शोर मचाओ…” हरियाणवी अंदाज में बच्चों ने जोरदार किलकी लगाई। उन्होंने मंच से एक बुजुर्ग ताऊ को आवाज देते हुए कहा, “राम-राम ताऊ… तन्ये पार्टी नहीं करनी के…” ‘टटीरी’ गीत पर डांस और लाइव प्रमोशन अपने नए गाने ‘टटीरी’ के प्रमोशन के दौरान बादशाह ने मंच से गीत प्ले किया और लिपसिंक करते हुए डांस किया। बच्चे भी जमकर थिरके। उत्साह देखते हुए बादशाह खुद स्टेज से नीचे उतर आए और बच्चों के बीच डांस करने लगे। उन्होंने बच्चों के बीच रैप किया। बच्चे झूमते नजर आए और खुशी जाहिर की। एक छोटी बच्ची को गोद में उठाकर भी उन्होंने डांस किया। इस दौरान कलाकार सिमरन भी उनके साथ मौजूद रही। उन्होंने इस गीत का एक वीडियो सोशल मीडिया अकाउंट पर डालकर बताया है कि उनका यह गीत 1 मार्च को यह गीत रिलीज होगा। सरपंच विवाद के बीच मासूम शर्मा का जिक्र कार्यक्रम के दौरान सरपंच रणवीर सिंह मंच संभाले हुए थे। उन्होंने कहा कि बादशाह ने गांव को जो प्रेरणा दी है, उसके लिए पूरा गांव आभारी रहेगा। उन्होंने कहा कि वह हरियाणा ही नहीं, बल्कि पूरे संसार की शान हैं।
सरपंच रणवीर सिंह उर्फ नाना ने कहा कि असदपुर और नांदनोर एक ही गांव हैं और दोनों का एक ही सरकारी स्कूल है। दोनों सरपंचों को बादशाह सम्मानित करेंगे। बादशाह ने मजाकिया अंदाज में कहा कि “वैसे तो इन्हें मुझे सम्मानित करना चाहिए…” रणवीर सिंह ने जवाब दिया कि बादशाह को पहले ही सम्मानित किया जा चुका है और “हम उल्हाणा नहीं ओटेंगे…”
बादशाह ने रणवीर सिंह और बल्लू प्रधान को पटका पहनाकर सम्मानित किया। इसी बीच बादशाह ने माइक लेकर कहा, “मासूम शर्मा वाली वीडियो देखी है ना…” इतना सुनते ही भीड़ में किलकियां गूंज उठी। बता दें कि इन दिनों मासूम शर्मा और सरपंचों के बीच विवाद चर्चा में है। वहीं मंच पर सरपंचों को सम्मानित करवाए जाने के दौरान बादशाह ने इसी संदर्भ में मंच से मासूम शर्मा के वीडियो को लेकर हल्के-फुल्के अंदाज में टिप्पणी की गई, जिसकी गांव में खूब चर्चा रही। ग्राम प्रतिनिधियों ने किया सम्मान गांव पहुंचने पर सरपंच रणवीर उर्फ नाना, सरपंच मुकेश उर्फ बल्लू, जिला प्रसाद संत कुमार अंतिल और राजबीर अंतिल एडवोकेट सहित अन्य गणमान्य लोगों ने बादशाह का स्वागत किया।
ग्राम प्रतिनिधियों और आयोजन समिति की ओर से उन्हें सम्मानित किया गया। उनके इस दौरे से बच्चों और ग्रामीणों में संगीत के प्रति नई ऊर्जा और प्रेरणा देखने को मिली। क्या है ‘टटीरी’ लोकगीत ‘टटीरी’ एक लोकप्रिय पारंपरिक हरियाणवी लोकगीत है, जिसमें मंडेर (छत के किनारे) पर बैठी टटीरी पक्षी को संबोधित किया जाता है। यह गीत खुशी, लोक जीवन और घरेलू रिश्तों को दर्शाता है।
लोकगीत की चर्चित पंक्तियां—
“म्हारे री मंडेरे पै बोली ऐ टटीरी”
“सोने के चोंच घडवा दूँ, टटीरी जय टीरी मेरा राजा सुनेगा”
“घूंटी दूँ घूंटी दूँ करे टीरी” यह गीत आमतौर पर शादियों और पारिवारिक आयोजनों में गाया जाता है। इसमें टटीरी को संदेशवाहक मानकर घर के लोगों के बारे में भाव व्यक्त किए जाते हैं। हरियाणवी लोकधुन को नए अंदाज में पेश करने के लिए बादशाह का यह कवर सांग अब रिलीज से पहले ही चर्चा में आ गया है। अब जानते हैं बादशाह का हरियाणा से क्या नाता परिवार मूलरूप से करनाल के गांव उचानी का बादशाह का असली नाम आदित्य प्रताप सिंह सिसौदिया है। उनका जन्म 19 नवंबर 1985 को दिल्ली में हुआ था। उनका परिवार मूलरूप से हरियाणा के करनाल जिले के उचानी गांव से ताल्लुक रखता है। पिता सरकारी नौकरी में थे। दिल्ली के बाल भारती पब्लिक पीतमपुरा से पढ़ाई की। बाद में पीईसी चंडीगढ़ से सिविल इंजीनियरिंग में दाखिला लिया। इसी दौरान संगीत में रुचि जगी और रैप लिखना शुरू किया। बादशाह की शादी जैस्मिन से हुई। दोनों की एक बेटी है, जिसका नाम जेसीमी ग्रेस मसीह सिंह है। हालांकि कुछ समय पहले पति-पत्नी का अलगाव हो गया और अब रैपर बेटी के साथ समय बिताते हैं। हनी सिंह के ग्रुप से मिली शुरुआती पहचान बादशाह ने अपने करियर की शुरुआत यो यो हनी सिंह के ग्रुप माफिया मुंडीर से की थी। बाद में उन्होंने अलग होकर खुद का सफर शुरू किया और आज बॉलीवुड के बड़े रैपर्स में गिने जाते हैं।


