हरियाणा में एक महीने में 23 हजार लोग अमीर हुए:सरकार ने गरीबी रेखा से बाहर निकाला; पानीपत समेत 3 जिलों में गरीब बढ़े

हरियाणा में एक महीने के भीतर करीब 23 हजार परिवार अमीर हो गए। जिसके बाद इन्हें गरीबी रेखा से बाहर निकाल दिया गया। हरियाणा सरकार ने इसे अपनी उपलब्धि बताया है। प्रदेश के नागरिक संसाधन सूचना विभाग (CRID) ने ये आंकड़े जारी किए हैं। दरअसल, प्रदेश में 1.80 लाख तक की सालाना कमाई वाले परिवारों को गरीबी रेखा से नीचे यानी BPL परिवार माना जाता है। इस लिहाज से अमीर हुए परिवारों की इनकम इससे ज्यादा हो गई है। इस वजह से इन्होंने BPL परिवारों को केंद्र सरकार की तरफ से मिलने वाला मुफ्त राशन लेना बंद कर दिया है। इससे पहले प्रदेश सरकार की किरकिरी तब हुई थी, जब नवंबर 2024 में हरियाणा में BPL परिवारों की आबादी 1.98 करोड़ हो गई थी, जो राज्य की अनुमानित आबादी 2.8 करोड़ के 70% थी। इस मुद्दे पर विपक्ष ने सरकार को कई मौकों पर घेरा था। हालांकि मौजूदा आंकड़ों के लिहाज से अभी भी 51.78 लाख परिवार गरीबी रेखा से नीचे हैं और केंद्र की योजना के तहत मुफ्त राशन ले रहे हैं। हिसार में सबसे ज्यादा परिवार अमीर हुए, पानीपत-करनाल में गरीबी बढ़ी
CRID के आंकड़ों के हिसाब से हिसार में सबसे ज्यादा परिवार गरीबी रेखा से बाहर आए हैं। वहीं करनाल, कुरुक्षेत्र और पानीपत में गरीबी और बढ़ गई है। करनाल में 573, धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में 1251 और पानीपत में 808 नए परिवार BPL श्रेणी में आ गए हैं। इस एक महीने में 2632 परिवार गरीब हो गए हैं। 10 महीने में 9 लाख BPL कार्ड धारक बढ़े
प्रदेश में जुलाई से अक्तूबर 2024 के बीच 4 महीने में BPL कार्ड धारकों की संख्या में 4.84 लाख की वृद्धि हुई थी। जुलाई में 46.25 लाख और अक्टूबर में 51.09 लाख BPL कार्ड धारक थे। इससे पहले की बात करें तो जनवरी 2022 में 27 लाख और जनवरी 2023 में 31.59 लाख BPL कार्ड धारक थे। छह महीने बाद जून में यह संख्या 11 हजार बढ़कर 34.70 लाख पहुंच गई। दिसंबर 2023 में BPL कार्ड धारकों की संख्या 7 लाख से अधिक बढ़कर 42 लाख पहुंच गई। फरवरी 2024 में प्रदेश में 45 लाख BPL कार्ड धारक थे। 2024 के शुरुआती 10 महीनों में 9 लाख से अधिक BPL कार्ड धारक बढ़ गए। BPL कार्ड धारकों को मिलने वाली सुविधाएं
हरियाणा में BPL कार्ड धारकों को कई प्रकार की सुविधाएं मिलती हैं। इनमें प्रति व्यक्ति 5 किलो अनाज (गेहूं/बाजरा) निशुल्क मिलता है। इसके साथ ही हर परिवार को प्रति माह 40 रुपए प्रति लीटर की दर से 2 लीटर सरसों का तेल और 13.5 रुपए की दर से एक किलो चीनी मिलती है। सरकार की ओर से प्रत्येक परिवार को ग्रामीण क्षेत्र में 100 गज का प्लॉट देने की घोषणा भी की गई है। उज्ज्वला योजना के तहत 500 रुपए में रसोई गैस सिलेंडर मिलता है। चिरायु-आयुष्मान योजना के तहत 5 लाख रुपए तक का निशुल्क इलाज मिलता है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *