हरि-हर मिलन से गूंजा बाबा धाम:श्रीकृष्ण से हुआ बाबा बैद्यनाथ का दिव्य संगम, रंगों की होली का विधिवत आगाज

देवघर स्थित विश्वप्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ मंदिर में होली से एक दिन पूर्व हरी-हर मिलन की सदियों पुरानी परंपरा पूरे धार्मिक उल्लास के साथ निभाई गई। अहले सुबह शुभ मुहूर्त में भगवान भोलेनाथ का भगवान श्रीकृष्ण से विधिवत मिलन कराया गया। वैदिक मंत्रोच्चार और विशेष अनुष्ठान के बीच संपन्न इस दिव्य आयोजन के साथ ही बाबा धाम में रंगों की होली का औपचारिक शुभारंभ हो गया। इस अलौकिक क्षण के साक्षी बनने के लिए मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। गर्भगृह में उमड़ी आस्था, अबीर-गुलाल अर्पित कर मांगी समृद्धि मंदिर के पुजारियों ने विधि-विधान से विशेष पूजा-अर्चना संपन्न कराई। गर्भगृह में हरी और हर के मिलन का दृश्य देखते ही भक्त भावविभोर हो उठे। श्रद्धालुओं ने बाबा पर अबीर-गुलाल अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि और मंगलकामना की प्रार्थना की। पुजारियों के अनुसार, शास्त्रों में उल्लेख है कि भगवान विष्णु ने ही बाबा बैद्यनाथ की स्थापना की थी, इसलिए हरी-हर मिलन की यह परंपरा अनादिकाल से चली आ रही है। इसे विशेष महत्व प्राप्त है। भव्य पालकी यात्रा से भक्तिमय हुआ शहर परंपरा के अनुरूप शाम को राधा-कृष्ण की प्रतिमा को सुसज्जित पालकी में विराजमान कर मंदिर की परिक्रमा कराई गई। इसके बाद पश्चिम द्वार से भव्य नगर भ्रमण निकाला गया। ढोल-नगाड़ों और हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने जगह-जगह मालपुआ का भोग अर्पित कर प्रसाद वितरण किया। रंग और गुलाल से सजी गलियों में भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। दोल मंच पर झूला झुलाकर पूर्ण हुई परंपरा नगर भ्रमण के उपरांत पालकी को आजाद चौक स्थित दोल मंच पर लाया गया, जहां राधा-कृष्ण की प्रतिमा को झूले पर विराजमान कर श्रद्धापूर्वक झूला झुलाया गया। देर रात होलिका दहन की विशेष पूजा संपन्न हुई। मंगलवार सुबह शुभ मुहूर्त में प्रतिमा को पुनः मंदिर लाकर श्रीहरि को गर्भगृह में बाबा बैद्यनाथ पर विराजमान कराया गया। इसी के साथ हरी-हर मिलन की परंपरा पूर्ण हुई और देवघर में रंगों की होली का विधिवत आगाज हो गया। पूरा बाबा धाम भक्ति और उत्साह के रंग में सराबोर नजर आया।

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