लुधियाना। घर में हर्बल पौधे न सिर्फ वातावरण को शुद्ध रखते हैं, बल्कि रोजमर्रा की छोटी-बड़ी समस्याओं में भी काम आते हैं। तुलसी, पुदीना, एलोवेरा, धनिया, करी पत्ता जैसे हर्बल प्लांट्स अगर सही तरीके से लगाए और संभाले जाएं, तो ये लंबे समय तक हरे-भरे रहते हैं। हर्बल पौधों के लिए सबसे जरूरी है सही जगह का चयन। ज्यादातर हर्बल प्लांट्स को हल्की धूप पसंद होती है। इन्हें ऐसी जगह रखें जहां रोज कम से कम चार से पांच घंटे की धूप मिले, लेकिन तेज दोपहर की धूप सीधे न पड़े। तुलसी और एलोवेरा जैसे पौधे खिड़की या बालकनी के पास अच्छे से पनपते हैं। मिट्टी का चुनाव भी देखभाल में अहम भूमिका निभाता है। हर्बल पौधों के लिए हल्की और अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी जरूरी होती है। गमले में मिट्टी के साथ थोड़ी रेत और गोबर की खाद या वर्मी कम्पोस्ट मिलाने से पौधों की ग्रोथ बेहतर होती है। पानी रुकने से जड़ें सड़ सकती हैं, इसलिए गमले में नीचे छेद होना जरूरी है। पानी देने में संतुलन रखना बहुत जरूरी है। अधिक पानी हर्बल पौधों को नुकसान पहुंचा सकता है। मिट्टी की ऊपरी परत सूखी लगे तभी पानी दें। पुदीना और धनिया को थोड़ा ज्यादा पानी पसंद होता है, जबकि एलोवेरा और तुलसी में ज्यादा पानी से बचना चाहिए। समय-समय पर पत्तियों की कटाई भी जरूरी है। इससे पौधे घने होते हैं और नई पत्तियां जल्दी निकलती हैं। सूखी या पीली पत्तियों को तुरंत हटा देना चाहिए ताकि पौधे की ऊर्जा सही दिशा में लगे। कीटों से बचाव के लिए केमिकल की जगह घरेलू उपाय अपनाएं। नीम का पानी, छाछ या हल्का साबुन वाला घोल छिड़कने से कीड़े दूर रहते हैं। हफ्ते में एक बार गमलों की सफाई और मिट्टी को हल्का सा ढीला करना भी फायदेमंद होता है।


