भास्कर न्यूज| धमतरी
धमतरी जिला मोतियाबिंद ऑपरेशन के लक्ष्य के करीब पहुंच गया है। निर्धारित 5 हजार लक्ष्य के मुकाबले अब तक 90% ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरे किए जा चुके हैं। वहीं, वित्तीय वर्ष के समाप्त होने में अभी मार्च का महीना शेष है, जिससे उम्मीद है कि निर्धारित लक्ष्य को पूरा कर लिया जाएगा। जिला अंधत्व नियंत्रण कार्यक्रम के तहत मोतियाबिंद के मरीजों का ऑपरेशन जिला अस्पताल में किया जाता है। आमतौर पर, एक निश्चित उम्र के बाद बुजुर्गों को आंखों में धुंधलापन की समस्या होती है, जो अक्सर मोतियाबिंद होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए शासन ने इस साल धमतरी जिले के लिए 5 हजार मोतियाबिंद ऑपरेशनों का लक्ष्य तय किया था। इन ऑपरेशनों में जिला अस्पताल के अलावा निजी अस्पतालों द्वारा किए गए ऑपरेशन भी शामिल हैं। 1707 ऑपरेशन निजी अस्पतालों में हुए : नेत्र चिकित्सालय के आंकड़ों के अनुसार, 20 फरवरी तक 4426 ऑपरेशन पूरे किए जा चुके हैं। इनमें से 2719 ऑपरेशन जिला अस्पताल में और 1707 ऑपरेशन निजी अस्पतालों में किए गए हैं। जिला अस्पताल की टीम में नोडल अधिकारी डॉ. राजेश सूर्यवंशी, डॉ. जेएस खालसा, नेत्र सहायक अधिकारी गुरुशरण साहू सहित अन्य सदस्य शामिल हैं। जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल में हर महीने लगभग 250 मोतियाबिंद ऑपरेशन किए जाते हैं। जिले के सभी सीएचसी और पीएचसी से चयनित मरीजों को यहां भेजा जाता है। नेत्रदान के लक्ष्यों की बात करें तो इस साल जिले को 10 नेत्रदान का लक्ष्य मिला था, जिसके मुकाबले अब तक 18 सफल नेत्रदान किए जा चुके हैं। नेत्र-देहदान का संकल्प शनिवार को सेवानिवृत्त शिक्षक दयाराम साहू (62) और उनकी शिक्षिका पत्नी दिनेश्वरी साहू (56) ने जिला अस्पताल पहुंचकर नेत्र और देहदान का संकल्प लिया। इस दंपत्ति ने मानवता की सेवा का उद्देश्य रखते हुए अपने संकल्प पत्र भरे। सिवनीकला निवासी यह दंपती वर्तमान में रुद्री में निवासरत है।


