हवा में जहर… पराली जलाने से पर्यावरण व स्वास्थ्य को खतरा

राउरकेला| राउरकेला सहित पूरे सुंदरगढ़ जिले में धान कटाई के बाद खेतों में पराली जलाने की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ रही है। यह स्थिति अब पर्यावरण और जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है। उत्तर प्रदेश और हरियाणा की तरह यहां भी कुछ किसान खेत साफ करने के लिए फसल अवशेषों को जलाने का आसान तरीका अपना रहे हैं। पराली जलाने से पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उठने वाले धुएं से वायु प्रदूषण बढ़ रहा है और आसपास के क्षेत्रों में सांस संबंधी बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। राउरकेला जैसे औद्योगिक गतिविधियों से पहले ही प्रदूषण झेल रहे शहर के लिए यह स्थिति और गंभीर होने की आशंका है। हाल ही में बोनाई वन खंड में पराली जलाने के कारण आग फैलने की घटना हुई। आग की लपटें आसपास के जंगल क्षेत्र तक पहुंचने लगीं, जिससे बड़े नुकसान की आशंका बन गई थी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और काफी प्रयासों के बाद आग पर काबू पाया गया। समय पर हुई कार्रवाई से बड़ी क्षति टल गई।

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