हाईकोर्ट ने कहा-वेश्यावृत्ति मामले में पुलिस अपनी सोच बदलें:लड़कियों की गुमशुदगी और बरामदगी का रिकॉर्ड मांगा; 11 साल का डेटा देना होगा

ग्वालियर हाईकोर्ट की युगल पीठ ने लड़कियों की वेश्यावृत्ति से जुड़े एक मामले में ग्वालियर संभाग के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) अरविंद सक्सेना को तलब किया। कोर्ट ने राज्य सरकार के जवाब पर नाराजगी व्यक्त की, जिसमें याचिका को पारिवारिक विवाद बताया गया था। यह मामला पायल नामक याचिकाकर्ता द्वारा दायर जनहित याचिका से जुड़ा है। साल 2025 में याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता ऋषिकेश बोहरे ने तर्क दिया कि शिवपुरी में मीना और अन्य लोगों ने लड़कियों को बंधक बना रखा है और उनसे वेश्यावृत्ति कराई जा रही है। आरोप है कि प्रशासन और पुलिस ने इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की है। कोर्ट ने कहा- मामले में अपनी सोच बदले पुलिस कोर्ट ने कहा कि वे इस मामले को लेकर पुलिस अपनी सोच बदलें। सिंगल बेंच ने पिछले 11 सालों में कितनी लड़कियां गायब हुई हैं और कितनी बरामद की गई हैं, इसका रिकॉर्ड पेश करने के लिए समय दिया है। राज्य शासन ने अपने जवाब में कहा था कि यह याचिकाकर्ता और प्रतिवादियों के बीच का पारिवारिक झगड़ा है। इस जवाब पर कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई और आईजी के साथ-साथ शिवपुरी के पुलिस अधीक्षक को भी तलब किया था।

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