सरायकेला में खरकई डैम निर्माण मामले में सुनवाई पूरी हो गई। संतोष कुमार सोनी की याचिका पर हाईकोर्ट के जस्टिस डॉ. एसएन प्रसाद की खंडपीठ ने सभी पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया। इससे पहले की सुनवाई में हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव से जवाब मांगा था। कहा था कि टेंडर करने से पहले राज्य सरकार ने डीपीआर जरूर बनाई होगी। प्रोजेक्ट रिपोर्ट में सरकार ने जमीन अधिग्रहण पर ग्रामीणों के आंदोलन को लेकर विचार नहीं किया था। 6100 करोड़ खर्च होने के बावजूद यह प्रोजेक्ट पूरा क्यों नहीं हो रहा है। इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बाद क्या काम बंद रहेगा। सरकार ने इस पर अंतिम फैसला क्या लिया है। दरअसल इस मामले में जल संसाधन विभाग की ओर से शपथ पत्र दाखिल किया गया था। इसमें कहा गया है कि जमीन अधिग्रहण पर स्थानीय ग्रामीणों के विरोध के कारण खरकई डैम प्रोजेक्ट बंद है। याचिका में कहा गया है कि 1978 में एकीकृत बिहार, ओडिशा और बंगाल सरकार के बीच खरकई डैम बनाने का समझौता हुआ था। लेकिन 2020 में सरकार ने इस प्रोजेक्ट को बिना कारण बंद कर दिया।


