भास्कर न्यूज | जालंधर जालंधर-अमृतसर हाईवे पर वीरवार सुबह बड़ा हादसा टल गया लेकिन इसके चलते ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा गई। इंडस्ट्रियल एस्टेट के सामने बस और टिप्पर की टक्कर के बाद टिप्पर अनियंत्रित होकर हाईवे के बीचों-बीच पलट गया था। हादसा सुबह करीब 8 बजे हुआ, जिसके बाद पठानकोट चौक से दोआबा चौक, लम्मा पिंड चौक से किशनपुरा, ट्रांसपोर्ट नगर और फोकल पॉइंट तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। करीब 5 घंटे तक लोग जाम में फंसे रहे। दोपहर करीब 1 बजे क्रेन की मदद से टिप्पर को हटाया गया, जिसके बाद ट्रैफिक धीरे-धीरे खुला। गनीमत रही कि जिस समय टिप्पर पलटा, उस दौरान उसके दोनों ओर से कोई वाहन नहीं गुजर रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अगर आसपास वाहन होते तो बड़ा जानी नुकसान हो सकता था। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि टिप्पर में बजरी डाले से ऊपर तक भरी हुई थी। टक्कर के बाद अचानक संतुलन बिगड़ने से ड्राइवर वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और टिप्पर पलट गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर वजन के हिसाब से बजरी भरी जाती तो शायद हादसा टल सकता था और वाहन को भी इतना नुकसान नहीं होता। हादसे के कारण सुबह दफ्तर, फैक्ट्री और स्कूल जाने वाले लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। कई कर्मचारी समय पर कार्यालय नहीं पहुंच सके। जाम से बचने के लिए लोगों ने गली-मोहल्लों की सड़कों का रुख किया, जिससे अंदरूनी रास्ते भी जाम हो गए। इसी दौरान अलग-अलग संगठनों द्वारा किए जा रहे धरना-प्रदर्शन के कारण ट्रैफिक दबाव और बढ़ गया। पुलिस कर्मियों को व्यवस्था संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। ट्रैफिक पुलिस ने वैकल्पिक मार्गों से वाहनों को निकालने का प्रयास किया, लेकिन भारी वाहनों के कारण स्थिति सामान्य होने में समय लगा। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से हाईवे पर ओवरलोडिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई और ट्रैफिक प्रबंधन को बेहतर बनाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों और जाम की स्थिति से बचा जा सके।


