मैनपाट के बरिमा से जंगल में लकड़ी बिनने गई महिला को हाथी ने कुचल दिया। दो दिनों बाद महिला का शव जंगल में पड़ा मिला। जहां हाथियों ने महिला पर हमला किया, वह इलाका सरगुजा-रायगढ़ की सीमा पर स्थित है। इलाके में चार हाथी दो दिनों पूर्व विचरण कर रहे थे। वनविभाग ने महिला का शव को पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है। जानकारी के मुताबिक, मैनपाट अंतर्गत बरिमा निवासी महिला इतवारी बाई (65 वर्ष) सोमवार को जंगल से लकड़ी बिनने के लिए गई थी। महिला मैनपाट के जंगल से लकड़ी बिनते हुए सरगुजा एवं रायगढ़ सीमा पर कापू के जंगल के पास पहुंच गई। इस दौरान उसका सामना हाथियों के दल से हो गया। हाथियों ने उसे पटक-पटककर मार डाला। तीसरे दिन मिला शव
इतवारी बाई सोमवार देर शाम तक वापस नहीं लौटी तो परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू की, लेकिन पता नहीं चला। मंगलवार को परिजनों ने ग्रामीणों के साथ जंगल में भी उसकी तलाश की। देर शाम तक सुराग नहीं मिलने पर ग्रामीण वापस लौट आए। बुधवार सुबह ग्रामीण महिला को खोजते हुए कापू सीमा में पहुंचे, जहां उन्हें इतवारी बाई का क्षत-विक्षत हालत में शव मिला। इसकी सूचना वनविभाग के कर्मियों को दी गई। सूचना पर मैनपाट के डिप्टी रेंजर एवं रायगढ़ से वनविभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौके पर पहुंचे। महिला के शव को पोस्टमॉर्टम करा परिजनों को सौंप दिया गया है। मैनपाट के डिप्टी रेंजर विंधेश्वरी सिंह पैकरा ने बताया कि इलाके में चार हाथियों का दल विचरण कर रहा था। संभवतः महिला उक्त हाथियों के पास पहुंच गई थी। मामले की जांच की जा रही है।


