सीधी जिले में एक बार फिर हाथियों के प्रवेश से ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। बुधवार शाम बांधवगढ़ से लौटे हाथी ‘भरत’ और एक हथिनी ने कमर्जी थाना क्षेत्र के ग्राम पटपरा में घुसकर फसलों को नुकसान पहुंचाया। ये हाथी 12 दिन तक उत्पात मचाने के बाद मऊगंज की सीमा की ओर चले गए थे, लेकिन अब सीधी जिले में लौट आए हैं। हाथियों ने 13 एकड़ फसल रौंदी, किसान परेशान ग्रामीण प्रशांत पटेल ने बताया कि उनके दो एकड़ खेत में लगी गेहूं की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। उनके गांव में हाथियों के कारण अब तक लगभग 13 एकड़ फसल नष्ट हो चुकी है। हाथी जहां-जहां से गुजर रहे हैं, वहां खड़ी फसल को रौंदते हुए आगे बढ़ रहे हैं। फिलहाल दोनों हाथी नहर किनारे के इलाके में देखे गए हैं और धीरे-धीरे जिले के दूसरे छोर की ओर बढ़ रहे हैं।
ट्रैकिंग कॉलर से हाथियों की निगरानी वनरक्षक विष्णु पांडे ने जानकारी दी कि वन विभाग की टीम लगातार हाथियों की निगरानी कर रही है। एक हाथी के गले में ट्रैकिंग कॉलर लगाया गया है, जिसकी मदद से उनकी लोकेशन पर नजर रखी जा रही है। विभाग का प्रयास है कि हाथियों को सुरक्षित रूप से घने जंगलों की ओर मोड़ दिया जाए, ताकि रिहायशी इलाकों में किसी प्रकार की जनहानि न हो। हाथियों को हटाने और किसानों को मुआवजा देने की मांग इस बीच, शिवसेना के प्रदेश उपाध्यक्ष ने प्रशासन से मांग की है कि हाथियों को जल्द सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जाए। साथ ही, जिन किसानों की फसल बर्बाद हुई है, उन्हें शीघ्र मुआवजा दिया जाए। ग्रामीणों ने भी शासन से त्वरित कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है, ताकि भविष्य में और नुकसान न हो।


