हिंदू सम्मेलन में गूंजा वसुधैव कुटुंबकम का मंत्र:सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी अपनाने पर जोर; संगठन को बताया जरूरी

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में गहनोली गांव में आयोजित हिंदू सम्मेलन में वसुधैव कुटुंबकम का मंत्र गूंजा। इसे लेकर यज्ञ सम्राट शोभानंद महाराज मौनी बाबा और त्यागी महाराज के सान्निध्य में कलश यात्रा निकाली गई। प्रवचन करते हुए मौनी बाबा और त्यागी महाराज ने कहा कि भारत के उत्थान से ही संपूर्ण विश्व का उत्थान संभव है। उन्होंने हिंदू समाज को आपसी भेद मिटाकर संगठित रहने का आह्वान किया। समाज में लागू हो पंच परिवर्तन सम्मेलन के मुख्य वक्ता सामाजिक कार्यकर्ता मोतीलाल सैनी ने कहा कि 1925 में शुरू हुई आरएसएस की संगठन यात्रा को 100 साल पूरे हो गए हैं। संघ का मानना है कि पंच परिवर्तन कार्यक्रम को सुचारू रूप से लागू कर समाज में बड़ा परिवर्तन लाया जा सकता है। स्वदेशी के बोध से नागरिक अपने कर्तव्यों के प्रति सजग होंगे। नागरिक कर्तव्य पालना से राष्ट्र समृद्ध व उन्नत होगा। उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता व सद्भाव से ऊंच-नीच जाति भेद समाप्त होंगे। पर्यावरण से सृष्टि का संरक्षण होगा तथा कुटुम्ब प्रबोधन से परिवार बचेंगे और बच्चों में संस्कार बढ़ेंगे। समाज में बढ़ते एकल परिवार के चलन को रोक कर भारत की प्राचीन परिवार परंपरा को बढ़ावा देने की आज महती आवश्यकता है।

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