असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को दावा किया कि 2014 में जब कांग्रेस के 58 विधायक उनके समर्थन में थे, तब उस समय की कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने उनसे कहा था कि वे खुद ही मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने की तारीख तय करें। सरमा ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि उन्होंने सोनिया गांधी से कहा था कि वे जून 2014 में कामाख्या मंदिर में होने वाले अंबुबाची मेले के अगले दिन शपथ लेंगे। लेकिन उस समय अमेरिका में मौजूद राहुल गांधी ने पार्टी नेताओं को फोन किए और हालात बदल गए।
तब CM बन जाते को शायद छवि खराब हो जाती सरमा ने 2014 में तत्कालीन मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था और 2015 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे। 2021 में असम के मुख्यमंत्री बने। उन्होंने कहा कि भाजपा के मुख्यमंत्री के रूप में उन्हें असम और सनातन धर्म की सेवा करने का अवसर मिला, जो कांग्रेस में रहकर संभव नहीं था। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि इसके लिए वे राहुल गांधी को धन्यवाद देते हैं। उन्होंने कहा कि जब मल्लिकार्जुन खड़गे असम आए थे, तब 58 कांग्रेस विधायक उनके समर्थन में थे। कुछ नेता तटस्थ थे और केवल 12 विधायक चाहते थे कि तत्कालीन मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ही बने रहें। सरमा ने कहा कि उन्हें न्याय नहीं मिला, लेकिन खड़गे उनके विरोधियों से कहते थे कि आप हिमंत से लड़िए, लेकिन विधायक उनके साथ हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर वे उस समय मुख्यमंत्री बन जाते तो शायद उनकी छवि खराब हो जाती। उन्होंने कहा कि इन बातों के कई गवाह हैं और वे भविष्य में अगर किताब लिखेंगे तो विस्तार से बताएंगे। कांग्रेस में साधारण परिवारों के लोग टिक नहीं पाते सरमा ने कहा कि- असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मंगलवार को कहा है कि कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई से जुड़े कथित पाकिस्तान लिंक के मामले की जांच अब केंद्र सरकार करेगी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने इस मामले से जुड़े सभी सबूत केंद्र को सौंप दिए हैं और अब केंद्रीय एजेंसी इसकी जांच करेगी। पढ़ें पूरी खबर…


