हिमाचल-पंजाब सीमा पर बने चक्की पुल पर चलेगी ट्रेन:कांगड़ा में तीन साल बाद बनकर तैयार, बाढ़ में बह गया था

कांगड़ा घाटी में चक्की नदी पर रेलवे पुल का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। अगस्त 2022 में बाढ़ में बह जाने के बाद से साढ़े तीन साल का इंतजार अब खत्म हो रहा है। हमीरपुर के सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने बताया कि रेलवे सुरक्षा आयुक्त 24 और 25 फरवरी 2026 को इस नए पुल और बहाल किए गए रेल खंड का वैधानिक निरीक्षण करेंगे। इस अंतिम निरीक्षण के बाद पठानकोट-जोगिंदरनगर रेल मार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही फिर से शुरू होने की उम्मीद है। उत्तर वृत्त के रेलवे सुरक्षा आयुक्त दिनेश चंद देशवाल पुल की मजबूती और ट्रैक की सुरक्षा का आकलन करेंगे।

सांसद ने मोदी सरकार की प्रशंसा की बता दे कि चक्की नदी पुल का ढहना हिमाचल और पंजाब के बीच रेल कनेक्टिविटी के लिए एक बड़ी बाधा थी। उन्होंने इस मुद्दे को लगातार केंद्र सरकार के समक्ष उठाया, जिसके बाद रेल मंत्रालय ने युद्ध स्तर पर काम किया।अनुराग ठाकुर ने इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश में रेलवे के विकास के लिए मोदी सरकार के प्रयासों पर भी प्रकाश डाला। रेलवे के लिए अधिक धन मिला उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार ने पिछली सरकारों की तुलना में रेलवे के लिए अधिक धन आवंटित किया है।उन्होंने बताया कि बजट 2026-27 में हिमाचल प्रदेश के रेल नेटवर्क के लिए रिकॉर्ड ₹2,911 करोड़ मंजूर किए गए हैं। यह राशि कांग्रेस शासनकाल के दौरान आवंटित बजट से 27 गुना अधिक है।वर्तमान में प्रदेश में ₹17,711 करोड़ की लागत से विभिन्न रेलवे परियोजनाओं पर काम जारी है। प्रधानमंत्री का हिमाचल से लगाव इसके अतिरिक्त, हिमाचल के चार स्टेशनों को ₹46 करोड़ की लागत से विश्व स्तरीय ‘अमृत स्टेशन’ के रूप में विकसित किया जा रहा है।सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी का हिमाचल से विशेष लगाव है। पिछले 12 वर्षों में रेल विस्तार को जो गति मिली है, वैसी पहले कभी नहीं थी। 560 मीटर लंबे और छह खंभों और दो आधारों वाले इस पुल का निर्माण 78 करोड़ रुपये की लागत से किया गया था।

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