हिमाचल में अवैध जिप-लाइन से बच्ची गिरने का मामला:हादसे के बाद जागी सरकार, मंत्री बोले- कार्रवाई करेंगे, संचालक ने एडवेंचर एक्टिविटी की नहीं ली परमिशन

हिमाचल प्रदेश के मनाली में जिस जिप-लाइन से 10 साल की बच्ची गिरी है, वह बिना परमिशन के अवैध रूप से चल रही थी। साइट संचालक ने इसके लिए न तो खेल विभाग और न ही टूरिज्म डिपार्टमेंट के पास आवेदन किया। हादसा होने और मीडिया में मामला उठने के बाद राज्य के खेल मंत्री यादवेंद्र गोमा ने कहा, उन्होंने विभाग को जिप लाइन संचालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा, बिना परमिशन इस तरह की एडवेंचर एक्टिविटी को शुरू करने की किसी को भी इजाजत नहीं दी जा सकती। एडवेंचर एक्टिविटी के लिए परमिशन जरूरी जिपलाइनिंग, पैराग्लाइडिंग जैसी एडवेंचर गतिविधियों के लिए टूरिज्म डिपार्टमेंट से अनुमति लेना जरूरी होती है। इसके लिए टूरिज्म डिपार्टमेंट के पास आवेदन करना होता है। टूरिज्म डिपार्टमेंट आवेदक की एप्लिकेशन तकनीकी कमेटी को भेजता है। तकनीकी कमेटी करती है लाइसेंस की सिफारिश तकनीकी कमेटी साइट पर जाकर सुरक्षा के मानक चेक करती है। इनमें किसी भी तरह की कमी पाए जाने पर उन्हें दूर करने को कहा जाता है। सुरक्षा के सभी मानक पूरा होने पर तकनीकी कमेटी टूरिज्म डिपार्टमेंट से लाइसेंस की सिफारिश करती है। टूरिज्म महकमा देता है लाइसेंस आखिर में टूरिज्म महकमा रजिस्ट्रेशन के बाद इन साहसिक गतिविधियों की अनुमति देता है। मगर मनाली में जिस साइट पर यह हादसा हुआ, उसके पास इसकी अनुमति नहीं थी। ऐसे में सवाल टूरिज्म डिपार्टमेंट और स्थानीय प्रशासन पर भी खड़े हो रहे हैं कि आखिर बिना परमिशन के साइट संचालक कैसे जिप लाइन चला रहा था। हादसा होने के बाद ही प्रशासन क्यों जागा है। मनाली में 8 जून को हुआ था हादसा मनाली का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें जिपलाइनिंग कर रही 10 साल की बच्ची 30 फीट की ऊंचाई से जमीन पर गिरी। गनीमत यह रही कि बच्ची पत्थर पर नहीं गिरी। इससे ज्यादा गंभीर चोटें नहीं आई। घायल हुई बच्ची का नाम त्रिशा है। पहले त्रिशा को मनाली के अस्पताल में भर्ती कराया गया, वहां से चंडीगढ़ रेफर किया गया। अब उसका नागपुर के प्राइवेट अस्पताल में उपचार चल रहा है। महाराष्ट्र की रहने वाली घायल त्रिशा त्रिशा महाराष्ट्र के नागपुर की रहने वाली हैं। वह अपने पिता प्रफुल्ल बिजवे और मां के साथ छुट्टियां मनाने मनाली पहुंची थी। 8 जून को जब वो जिपलाइनिंग कर रही थी, तब यह हादसा हुआ। वीडियो सामने पहाड़ी पर खड़े शख्स ने रिकॉर्ड किया। वीडियो में देखा जा सकता है कि त्रिशा वायर पर लटकती हुई स्लाइड करती है और जब वो लगभग 30 फीट की ऊंचाई पर होती है तभी उसका हुक, जिसके सहारे वो लटकी हुई थी, वो टूट जाता है। त्रिशा चीखती हुई पर जमीन पर गिरती है। पिता ने नहीं दी शिकायत, इसलिए FIR नहीं: SHO SHO मनाली मुनीष शर्मा ने बताया, घायल बच्ची के पिता की घटना वाले दिन ही थाने में स्टेटमेंट रिकॉर्ड की गई। मगर उन्होंने किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई से इनकार कर दिया था। इस वजह से जिप-लाइन संचालक नरेंद्र के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि जिप-लाइन संचालक ने बच्ची के इलाज का खर्च देने की बात कही है।

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