राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शिमला में कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आतंक मचा रखा है। विपक्षी पार्टियों के नेताओं पर इनकम टैक्स के छापे पड़ते हैं। सीबीआई का दुरुपयोग हो रहा है। देश को इन तीनों एजेंसियों पर पर गर्व होना चाहिए। मगर अब इनका खुलकर दुरुपयोग हो रहा है। इतिहास में इससे पहले ऐसा कभी नहीं हुआ। देश को आजादी दिलाने वाले गांधी परिवार को टारगेट किया जा रहा है। गहलोत ने कहा, नेशनल हेराल्ड की 5 हजार करोड़ की प्रॉपटी को खुर्द-बुर्द करने के आरोप लग रहे हैं, जबकि केंद्र के इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने 413 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी की असेसमेंट की है। उन्होंने कहा, नेशनल हेराल्ड के पास कुल 6 प्रॉपर्टी हैं। उनमें से 5 प्रॉपर्टी बेची नहीं जा सकती। इनका इस्तेमाल लीज की प्रॉपर्टी की तरह हो रहा है। फिर भी आरोप लग रहे कि गांधी परिवार ने 5000 करोड़ की प्रॉपर्टी खुर्द बुर्द कर दी। वो प्रॉपर्टी बेची नहीं जा सकती। उन्होंने कहा, यंग इंडिया नाम से जो कंपनी बनाई गई, वह नॉन प्रोफिटेबल कंपनी है। इससे कोई भी शेयर होल्डर एक रुपए का फायदा भी नहीं ले सकता। विपक्षी पार्टियों को दुश्मन की तरह ट्रीट कर रहे मोदी- गहलोत अशोक गहलोत ने कहा, देश आज गलत दिशा में जा रहा है। विपक्ष के साथ दुश्मन की तरह व्यवहार हो रहा है। विपक्ष को दबाने के लिए ईडी, इनकम टैक्स और सीबीआई का इस्तेमाल हो रहा है। ईडी के माध्यम से शासन किया जा रहा है। उन्होंने कहा, इलेक्ट्रॉल बॉन्ड मामले में भी ईडी का दुरुपयोग हुआ। आखिर में सुप्रीम कोर्ट को बंद करना पड़ा। सोनिया-राहुल के खिलाफ चार्जशीट मजाक बन रह गई गई- पूर्व सीएम गहलोत ने कहा, नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ जो चार्जशीट पेश की गई, वो मजाक बनकर रह गई है। चार्जशीट को सार्वजनिक नहीं किया जा रहा। इससे किसी को भी समन नहीं आए। उन्होंने कहा, नेशनल हेराल्ड अखबार की शुरुआत 1980 में हुई। एसोसिएट जनरल पब्लिक लिमिटेड कंपनी बनाकर इसका प्रकाशन शुरू किया गया। पंडित नेहरू ने फ्रीडम मूवमेंट को गति देने के लिए नेशनल हेराल्ड शुरू किया। उन्होंने कहा, आर्थिक हालात के कारण बहुत से अखबार बंद हो जाते हैं। नेशनल हेराल्ड का प्रकाशन भी बंद हो गया। उस घाटे से उभारने के लिए कांग्रेस ने इस कंपनी की मदद की और 100 ट्रांजैक्शन से 10 साल में 90 करोड़ दिए और यंग इंडिया के नाम से नई कंपनी बनाई गई, ताकि अखबार में काम कर रहे कर्मचारियों को वेतन मिल सके और अखबार शुरू हो सके। ईडी से जबरदस्ती फिर से FIR कराई गहलोत ने कहा, नेशनल हेराल्ड मामले में केस रजिस्टर कराने वाले सुब्रमण्यम स्वामी भी पीछे हट गए। ईडी ने इस केस की जांच करके केस बंद कर दिया। गांधी परिवार को टारगेट करने के लिए सरकार के आदेशों पर फिर से FIR और चालान पेश किया गया। जब दोबारा FIR का पूर्व ईडी डायरेक्टर ने विरोध किया तो डायरेक्टर और जांच अधिकारी ही बदल दिया गया। उन्होंने कहा, इनकी हरकतों पर आश्चर्य हो रहा है। पूर्व सीएम ने कहा, मोदी सरकार राजनीति प्रतिशोध की भावना से राजनीतिक पार्टियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग हो रहा है।


