हिमाचल प्रदेश में हेल्थ टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। जिला कांगड़ा के नगरोटा बगवां में पहला वेलनेस सेंटर स्थापित किया जाएगा, जो केरल की तर्ज पर विकसित होगा। एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने नगरोटा बगवां के लिए प्रस्तावित इन परियोजनाओं के लिए 130 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं। इस वेलनेस सेंटर में पर्यटकों को योग, मेडिटेशन और स्पा जैसी सुविधाएं मिलेंगी, जिससे लोग प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेते हुए अपने स्वास्थ्य का भी ख्याल रख सकेंगे। पर्यटन विकास के अधिकारी विनय धीमान ने बताया कि इस परियोजना से न केवल पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि होगी, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे। एडीबी के साथ एमओयू साइन हो चुका है और निर्माण कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है। हिमाचल प्रदेश सरकार का यह कदम राज्य की पर्यटन क्षमता को उजागर करने और सांस्कृतिक एवं विरासत स्थलों के संवर्धन के उद्देश्य से उठाया गया है। इस वैलनेस सेंटर के माध्यम से हिमाचल प्रदेश को स्वास्थ्य पर्यटन के क्षेत्र में एक नई पहचान मिलेगी। वेलनेस सेंटर में मिलेगी ये फैसिलिटी इस वेलनेस सेंटर में कन्वेंशन सेंटर, शादी स्थल बैंक्वेट हॉल (क्षमता 400 लोग), रेस्टोरेंट सह डाइनिंग एरिया (क्षमता 270 लोग), कॉफी शॉप, कैफे, जिम/गेम रूम, मेडिटेशन रूम एरिया कॉन्फ्रेंस रूम, बच्चों का प्लेरूम, जिम, स्विमिंग पूल भूमि स्केलिंग, सामान्य 68 और डीलक्स कमरे 5, एक बिस्तर वाले विला 6, प्रेसिडेंशियल विला 1, कार पार्किंग (क्षमता 200 वाहन) उच्च श्रेणी का फव्वारा और शिल्प गांव। टिकट काउंटर, शौचालय, प्रशासनिक भवन, दुकानें और शौचालय का निर्माण किया जाएगा। हिमाचल प्रदेश में हेल्थ टूरिज्म की शुरुआत केरल की तर्ज पर हिमाचल प्रदेश में भी हेल्थ टूरिज्म को बढ़ावा देने की योजना बनाई गई है। केरल राज्य में पंचकर्म और आयुर्वेद की अन्य विधियों का लाभ उठाने के लिए देश-विदेश से सैलानी आते हैं। अब हिमाचल प्रदेश में भी आयुर्वेद विभाग के माध्यम से वैलनेस सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इन वेलनेस सेंटरों को पर्यटन विभाग द्वारा संचालित किया जाएगा, जहां आयुर्वेद विशेषज्ञों द्वारा योग, मेडिटेशन और स्पा की सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। सरकार ने हिमाचल प्रदेश को हेल्थ टूरिज्म के रूप में विकसित करने का प्रारूप तैयार कर लिया है।


