हिमाचल में शिशु तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, 3 गिरफ्तार:एक बच्चा रेस्क्यू, गोंद दिलाने के नाम पर ठगी जांच करते मिला सुराग, जालंधर, गुरदासपुर व बटाला से पकड़े

हिमाचल के पुलिस जिला देहरा ने एक संगठित अंतर्राज्यीय नवजात शिशु तस्करी और धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने एक बच्चे को सकुशल रेस्क्यू भी किया है। पुलिस इनके नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास कर रही है। एसपी मयंक चौधरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह गिरोह का नेटवर्क कई जिलों तक फैला है। यह नि:स्तान दंपतियों को बच्चा दिलाने के नाम पर शिकार बनाता ता यह कार्रवाई संसारपुर टैरेस निवासी रोहित राणा की शिकायत पर शुरू हुई। उसके साथ 23 हजार से ज्यादा की ठगी हुई थी।
गोंद दिलाने के नाम ठगी की जांच करते नेटवर्क तक पहुंची पुलिस आरोपी दीपक आनंद ने शिकायतकर्ता से बच्चा गोद दिलाने के नाम पर ₹23,500 की ठगी की थी। इसकी जांच करते हुए पुलिस ने साइबर सेल की मदद से उसे जालंधर से दबोच लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि वह पंजाब के एक बड़े नेटवर्क के संपर्क में था, जो निसंतान दंपतियों को अवैध तरीके से नवजात शिशु उपलब्ध कराता था। इस गिरोह में बटाला और गुरदासपुर क्षेत्र की महिलाएं भी शामिल थीं, जो बच्चों की खरीद-फरोख्त और उनके स्थानांतरण (ट्रांसफर) में सक्रिय थीं। पुलिस ने कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए बटाला से एक महिला को गिरफ्तार किया है, जबकि गुरदासपुर और जालंधर से अन्य संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
कितने बच्चों का सौदा किया- इसका पता लगा रहे हैं इस सफल ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने एक नाबालिग बच्चे को सकुशल रेस्क्यू किया है, जिसे जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के आदेशानुसार सुरक्षित संरक्षण में सौंप दिया गया है। जांच टीम अब इस बात का पता लगा रही है कि यह गिरोह अब तक कितने बच्चों का सौदा कर चुका है और इसके तार किन-किन अन्य राज्यों से जुड़े हैं। एसपी ने स्पष्ट किया कि मानव तस्करी जैसे जघन्य अपराधों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। एसपी की अपील- गोद लेने के लिए वैध प्रक्रिया का करें इस्तेमाल अंत में, एसपी मयंक चौधरी ने आम जनता को सचेत करते हुए कहा कि भारत में बच्चा गोद लेने की एकमात्र वैध प्रक्रिया CARA (सेंट्रल एडॉप्शन रिसोर्स अथॉरिटी) के माध्यम से ही संचालित होती है। इसके अलावा किसी भी दलाल या अनाधिकृत व्यक्ति के माध्यम से बच्चा लेना कानूनी अपराध है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे केवल वैधानिक और निर्धारित सरकारी प्रक्रिया का ही पालन करें।

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