समरावता हिंसा मामले में जेल में बंद आरोपी नरेश मीणा की जेल से रिहाई का रास्ता एक बार फिर बंद हो गया है। कोटा पुलिस ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बुधवार को नरेश मीणा को नयापुरा और आरकेपुरम थाने में दर्ज मामलों में आरोपी बनाया और अदालत में पेश किया। आरकेपुरम थाने में दर्ज मामले में नरेश को जमानत के मुचलके भरवाए गए इस मामले में उसे जमानत मिल गयी है। लेकिन नयापुरा में पुलिसकर्मी से की मारपीट बदसलूकी में गिरफ्तार किया गया। लोकसभा चुनाव में दर्ज केस में गिरफ्तारी हुई डीएसपी लोकेंद्र पालीवाल ने बताया कि लोकसभा चुनावों के दौरान 24 जून 2024 को कोटा के सर्किट हाउस और कलेक्ट्रेट पर कांग्रेस ने प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान एक पुलिसकर्मी पर नरेश मीणा ने मारपीट बदसलूकी की थी। नयापुरा थाने के हैड कांस्टेबल शेर सिंह ने एक केस दर्ज करवाया। जिसमें कहा कि मेरे साथ नरेश ने छीनाझपटी की, मेरी शर्ट खींच दी और मारपीट की। मैंने देखा तो भीड़ में नरेश मीणा समेत कई कांग्रेस के नेता मौजूद थे। मेरी ड्यूटी आंबेडकर प्रतिमा के पास तैनात थी। भीड़ को बेरिकेडिंग के पास न आने देने की। इस मामले में धारा 323 और 353 में नयापुरा थाने में केस दर्ज किया गया था। नयापुरा थाने में दर्ज मारपीट के मामले में गिरफ्तार कर अनुसंधान के बाद टोंक से कोटा की ऑनलाइन कोर्ट में पेश किया। कोर्ट आदेश के बाद उसे वापस जेल में भेज दिया गया।


