नीमच में हेड कॉन्स्टेबल होशियार सिंह की मौत के मामले में बेटी के बयान ने पुलिस सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बेटी अर्पिता यादव का कहना है कि उनके पिता पर लगातार मानसिक दबाव बनाया जा रहा था। बीमारी और चार ऑपरेशन के बावजूद उनसे भारी ड्यूटी कराई जाती थी, जिससे वे लंबे समय से तनाव में थे। अर्पिता यादव के मुताबिक, उनके पिता को RI और अन्य अधिकारी लगातार परेशान करते थे। वे कम ड्यूटी लगाने की मांग करते थे, लेकिन इसके उलट उनकी ड्यूटी और बढ़ा दी जाती थी। इसी दबाव ने उन्हें भीतर से तोड़ दिया। छुट्टी बढ़ाने कंट्रोल रूम गए, घर से ठीक निकले थे
अर्पिता ने बताया कि उनके पिता की छुट्टी खत्म हो रही थी। छुट्टी बढ़ाने के लिए वे कंट्रोल रूम गए थे। घर से निकलते समय उन्होंने परिवार से सामान्य बातचीत की, खाना खाया और बिल्कुल ठीक हालत में निकले थे। बाद में जानकारी मिली कि उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पहले ही लिखा था-मेरी मौत के जिम्मेदार विभाग वाले होंगे
परिवार का कहना है कि होशियार सिंह ने विभाग को पत्र लिखकर स्पष्ट किया था कि अगर उनके साथ कुछ होता है, तो उसकी जिम्मेदारी विभाग की होगी। ऑपरेशन के बाद भी उन पर ड्यूटी का दबाव बना रहा। पत्नी का आरोप-पैसे देने वालों की ड्यूटी नहीं लगती
मृतक की पत्नी कमलेश बाई ने आरोप लगाया कि जो लोग पैसे देते थे, उनकी ड्यूटी नहीं लगाई जाती थी। जो पैसे नहीं देते थे, उनसे सुबह-शाम लगातार ड्यूटी कराई जाती थी। इसी कारण उनके पति लगातार तनाव में रहते थे। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पति की जेब से मोबाइल फोन नहीं मिला है। पोस्टमार्टम के बाद परिवार को अलग गाड़ी में भेजा
पत्नी के मुताबिक, पोस्टमार्टम के बाद परिवार पुलिस लाइन स्थित घर पर इंतजार कर रहा था, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उन्हें शव के साथ ले जाने के बजाय अलग वाहन में बैठाकर रवाना कर दिया और करीब 7 किलोमीटर दूर उतार दिया। मौत के बाद भी शव के पास नहीं जाने दिया
परिवार का आरोप है कि इलाज के दौरान वे अस्पताल में साथ थे, लेकिन मौत के बाद से लेकर पोस्टमार्टम तक उन्हें शव के पास नहीं जाने दिया गया। परिवार के पहुंचने से पहले ही शव को रवाना करने की कोशिश की गई। न एसपी पहुंचे, न कोई जिम्मेदार अधिकारी
कमलेश बाई ने कहा कि पति की मौत के बाद न तो एसपी और न ही कोई वरिष्ठ अधिकारी परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है। जहर खाने की वजह साफ नहीं
केंट थाना प्रभारी टीआई नीलेश अवस्थी ने कहा कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हेड कॉन्स्टेबल ने जहर क्यों खाया। मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। यह खबर भी पढ़ें जहर खाकर कंट्रोल रूम पहुंचा पुलिसकर्मी, लिखा-सब बिक रहे हैं:अस्पताल में तोड़ा दम नीमच में हेड कॉन्स्टेबल होशियार सिंह (50) ने जहर खाकर खुदकुशी कर ली। वे कनावटी पुलिस लाइन में तैनात थे। डीजीपी, डीआईजी और एसपी के नाम लिखे तीन पेज के सुसाइड नोट में उन्होंने विभागीय भ्रष्टाचार के साथ पुलिस लाइन के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इसमें लिखा है कि सब पैसों में बिक रहे हैं। आत्महत्या करने की अनुमति भी मांगी थी। पढ़ें पूरी खबर


