बालोद थाने में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल भगवान ध्रुवे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सोमवार को वे अपने बिस्तर पर अचेत अवस्था में मिले, उनके साथियों ने उठाने की कोशिश की लेकिन नहीं उठे तब उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। ASI धरम भुआर्य ने बताया कि भगवान ध्रुवे को नगर पालिका उपाध्यक्ष चुनाव ड्यूटी के लिए जाना था। लेकिन सुबह गणना के दौरान वे थाना में उपस्थित नहीं हुए और न ही सहकर्मियों के फोन का जवाब दिया। उन्हें उठाने गए जवानों के आवाज देने पर भी जब कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो उनके क्वार्टर का दरवाजा तोड़कर अंदर जाना पड़ा। वे बिस्तर पर अचेत अवस्था में मिले। शरीर को छूने पर ठंडा लग रहा था। आनन-फानन में अस्पताल ले गए तो भी डॉक्टरों ने जवाब दे दिया। बता दें कि हेड कॉन्स्टेबल भगवान ध्रुवे की दो दिन बाद गुरुर थाना में ज्वाइनिंग थी। पहले भी आ चुका था हार्ट अटैक एएसआई धरम भुआर्य के मुताबिक, भगवान ध्रुवे 1997 में दुर्ग जिला पुलिस में भर्ती हुए थे। उनका बीपी अक्सर ऊपर-नीचे रहता था। इसलिए पहले भी अटैक आ चुका था। इसलिए जब वे फोन का जवाब नहीं दे रहे थे, तब पूरा स्टाफ चिंतित होकर उनके क्वार्टर पहुंचे थे। दो दिन बाद गुरुर थाना में थी ज्वाइनिंग बालोद थाना के मोहन कोकिला ने बताया कि हाल ही में उन्हें गुरुर थाना में ट्रांसफर किया गया था और दो दिन बाद उन्हें वहां ज्वाइन करना था। उनका घर भी गुरुर क्षेत्र में है, इसलिए वे इस नई तैनाती से खुश थे। पुलिस अधिकारियों और सहकर्मियों ने दी श्रद्धांजलि हेड कॉन्स्टेबल भगवान ध्रुवे का अंतिम संस्कार उनके गांव चिटौद में किया गया। डीएसपी बोनीफास एक्का, बालोद टीआई रविशंकर पांडेय, पुरूर टीआई शिशुपाल सिन्हा, एएसआई धरम भुआर्य, दुर्योधन यादव सहित अन्य पुलिसकर्मियों ने उन्हें मुक्तिधाम में श्रद्धांजलि दी। पीएम रिपोर्ट के बाद वास्तविक कारण का पता चलेगा बालोद टीआई रविशंकर पांडेय ने बताया कि बालोद थाना के एक सदस्य के चले जाने से पूरा स्टाफ शोक में है। प्रथम दृष्टया यह हार्ट अटैक का मामला लग रहा है। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से वास्तविक कारण स्पष्ट होगा।


