‘हेल्पलाइन पर 45-मिनट कॉल करता रहा कोई मदद नहीं आई’:जीजा समेत 4 दोस्त गाड़ी में ही मर चुके थे, ट्रक 12KM घसीटता रहा; चश्मदीद ने बताई पूरी कहानी

ट्रक में फंसी कार करीब 12 किमी तक घिसटती हुई जा रही थी। मैं पीछे की सीट पर था। जैसे ही मेरी आंख खुली मैं 45 मिनट तक 112 नंबर पर कॉल करता रहा। इसके बाद एक स्पीड ब्रेकर आया तो कार ट्रक से अलग होकर साइड में रुक गई। मैं बाहर निकालने के लिए मदद के लिए चिल्लाया तो ग्रामीणों ने आकर मुझे बाहर निकाला। कार में आगे बैठे मेरे जीजा जी समेत 4 की मौत हो चुकी थी। दौसा में उज्जैन महाकाल के दर्शन कर लौट रहे 5 श्रद्धालुओं में से 4 की मौत हो चुकी है। आखिरी बचे बृजमोहन ने हादसे की पूरी कहानी बताई। वे इस कार में सवार थे और सबसे पीछे वाली सीट पर बैठे थे। पहले पढ़िए 2 थानों की पुलिस के बयान पापड़दा थाना ASI नेमीचंद ने बताया- आलूदा-पापड़दा के पिलर नंबर 193 के पास कार डैमेज हालत में मिली थी। पीछे से राहुवास के 203.04 के पास हादसा हुआ था। राहुवास थाना इंचार्ज गोपाल शर्मा ने बताया कि हादसे में राहुल गुप्ता (35) व प्रिंस गुप्ता (18), निवासी वंदना एनक्लेव, खोड़ा कॉलोनी गाजियाबाद यूपी, पारस अग्रवाल (31) निवासी इंद्रा पार्क, ज्वाला नगर, थाना विवेक विहार जिला शाहदरा पूर्वी दिल्ली और ड्राइवर विक्रम सिंह (25) निवासी नंदग्राम मरियम नगर गाजियाबाद यूपी की मौत गई। जबकि पीछे की सीट पर सवार बृजमोहन गुप्ता की जान बच गई। पढ़िए कार में सवार ब्रजमोहन की जुबानी हादसे की कहानी … बृजमोहन ने बताया- हम लोग 25-26 जनवरी की छुट्टी के चलते 24 जनवरी को एक्सप्रेस वे से उज्जैन के लिए रवाना हुए थे। जहां दर्शन के बाद 26 जनवरी की शाम को वापस रवाना हुए। इस दौरान 27 जनवरी को सुबह करीब 5:30 बजे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर एक्सीडेंट हो गया। मैं कार में पीछे की सीट पर लेटा हुआ था, एक्सीडेंट के बाद मेरी आंख खुली और देखा तो गाड़ी ट्रक में फंसी हुई थी। आगे मेरे जीजा राहुल गुप्ता, प्रिंस, पारस और ड्राइवर विक्रम की मौत हो चुकी थी। ये देख मैं काफी देर तक चिल्लाता रहा। मदद के लिए पुकारता रहा। इसके बाद ट्रक के साथ घसीटती अर्टिगा कार से ही 112 नंबर पर मदद के लिए 45 मिनट तक कॉल करता रहा। लेकिन, कोई मदद नहीं मिली। इसके बाद एक्सप्रेस वे पर ब्रेकर जैसा या कोई ऊंची-नीची सड़क आई और कार ट्रक से अलग होकर दोबारा सड़क से उतारकर टकराई और रुक गई। इसके मैं बचाओ-बचाओ चिल्लाया तो आसपास के गांव के लोग मौके पर आए। शीशा तोड़कर मुझे बाहर निकाला। उन्हीं लोगों ने पुलिस को हादसे की सूचना दी, जिसके बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया। NHAI को भी हादसे का पता नहीं चला दरअसल, एक्सप्रेस वे पर भांडारेज इंटरचेंज के दोनों ओर अलग-अलग कंपनियों के पेट्रोलिंग वाहनों से लगातार गश्त करने का दावा किया जाता है। वहीं हाई रेजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरों के जरिए कमांड एरिया में मॉनिटरिंग की व्यवस्था की हुई है, इसके बावजूद हादसे का पता नहीं चला और कार ट्रक में फंसकर घसीटती रही। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर ट्रक में घुसी कार, चार की मौत:8KM तक गाड़ी घिसटती चली गई, उज्जैन महाकाल के दर्शन कर नोएडा लौट रहे थे दौसा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर आगे चल रहे ट्रक में पीछे से तेज रफ्तार कार घुस गई। हादसे में कार सवार चार श्रद्धालुओं की मौत हो गई। ट्रक में कार बुरी तरह फंस गई थी। इसकी वजह से करीब 8 किमी तक ट्रक के साथ कार घिसटती चली गई। (पढ़ें पूरी खबर)

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