पिछले कुछ वर्षों में यूनिवर्सिटी कैंपस का माहौल बदला है। पढ़ाई का दबाव, प्रतिस्पर्धा, भविष्य की चिंता और निजी जीवन की उलझनें बढ़ी है। इन सबके बीच छात्रों-शिक्षकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती मानसिक संतुलन की बनती जा रही है। बदलते परिदृश्य में वीसी प्रो. डॉ डीके सिंह की पहल पर रांची यूनिवर्सिटी में राज्य का पहला हैप्पीनेस सेंटर (हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर) स्थापित की जा रही है। इसे बेहतर ढंग से संचालित करने को लेकर बुधवार को जेयूटी कैंपस में सीआईपी (केंद्रीय मनोचिकित्सा संस्थान) और रिम्स (राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान, रिम्स) के साथ पांच वर्ष के लिए एमओयू किया गया। इस अवसर पर वीसी के अलावा हैप्पीनेस सेंटर के डायरेक्टर डॉ. परवेज हसन, साइंस डीन डॉ. वंदना कुमार, कॉमर्स डीन डॉ. पंकज चतुर्वेदी, डॉ. आशीष कुमार झा, रजिस्ट्रार डॉ. जीएस साहू समेत अन्य थे। डीएसपीएमयू और जेयूटी के साथ भी आने वाले दिन में एमओयू किया जाएगा। पढ़ाई के साथ मानसिक मजबूती भी
समझौते में स्पष्ट किया गया है कि यह पहल केवल स्वास्थ्य सेवा तक सीमित नहीं रहेगी। इसे शिक्षा से जोड़ा जाएगा। मानसिक स्वास्थ्य, योग चिकित्सा और प्रसन्नता अध्ययन जैसे विषयों में सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्स शुरू किए जाएंगे। इलाज नहीं, समझ व सहयोग की पहल
हैप्पीनेस सेंटर की भूमिका अलग है- यह सुनने, समझने और सही दिशा दिखाने का मंच बनेगा। यहां मानसिक परामर्श, तनाव प्रबंधन, योग सत्र, संगीत और कला-चिकित्सा कार्यक्रम चलेंगे। अगर किसी को विशेषज्ञ इलाज की जरूरत होगी, तो उसे संबंधित संस्थानों में भेजा जाएगा।


