भास्कर न्यूज | अमृतसर पुतलीघर स्थित रेलवे वर्कशॉप में सोमवार को होला महल्ला की छुट्टी को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। रेलवे कर्मचारियों और सीडब्ल्यूएम व एपीओ के बीच शुरू हुआ मतभेद देखते ही देखते धरने में बदल गया। नार्दर्न रेलवे वर्कशॉप मेन्स यूनियन (एनआरएमयू) और एससीएसटी यूनियन के पदाधिकारियों ने सीडब्ल्यूएम दफ्तर के बाहर शाम 4 बजे धरना शुरू किया, जो रात 8 बजे तक जारी रहा। यूनियन नेताओं का आरोप है कि देशभर की सभी रेलवे वर्कशॉपों में सालाना 16 छुट्टियां होती हैं, लेकिन अमृतसर वर्कशॉप में केवल 15 छुट्टियां ही दी जा रही हैं। उनका कहना है कि 16वीं छुट्टी को लेकर पूर्व सीडब्ल्यूएम कृष्ण कुमार ने मंजूरी दिलवाई थी और उच्चाधिकारियों से भी स्वीकृति प्राप्त कर ली गई थी। इसके बावजूद होला महल्ला की छुट्टी लागू नहीं की जा रही। यूनियन नेताओं के अनुसार इस मुद्दे पर कई बैठकें हो चुकी हैं, जिनमें एनआरएमयू, एससीएसटी और ओबीसी यूनियन ने हिस्सा लिया। हालांकि यूआरएमयू बैठक में शामिल नहीं हुई। रात 8 बजे अधिकारियों ने यूनियन को इस संबंध में पत्र जारी किया, जिसके बाद धरना समाप्त कर दिया गया।


