होला महल्ला पर श्रद्धालु गुलाल नहीं उड़ा सकेंगे। श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने संगत को श्री आनंदपुर साहिब में 1 से 4 मार्च तक मनाए जा रहे होला महल्ला उत्सव में रंगों का इस्तेमाल न करने की हिदायत दी है। जत्थेदार गड़गज्ज ने जिला प्रशासन से भी इन हिदायतों को लागू करते हुए रंगों के प्रयोग पर सख्ती से पाबंदी लगाने को कहा है। उन्होंने पुलिस-प्रशासन से होला महल्ला पर्व के दौरान हुल्लड़बाजी करने वाले नौजवानों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई करने को कहा है। जत्थेदार गड़गज्ज ने इस पर्व को सिख मर्यादा, परंपराओं व सिद्धांतों के अनुसार मनाने की अपील की है। मर्यादा व सिद्धांतों के अनुसार एक दूसरे को रंग लगाना विशेषकर गीले रंग लगाने की गुरु साहिबान के समय से ही कोई परंपरा नहीं है। उन्होंने ऐतिहासिक धार्मिक स्थल गुरुद्वारा श्री आनंदपर साहिब मंें प्रशासन से सहयोग देते एक दूसरे पर रंग फेंककर हुल्लड़बाजी करने वालों को ऐसा न करने के लिए सख्ती से रोकने को कहा है। जत्थेदार ने कहा है कि सिख पंथ को उक्त पर्व परंपरागत तरीके से ही मनाना चाहिए। उन्होंने कहा किया कि सूखे रंगों का इस्तेमाल केवल निहंग सिंह ही कर सकते हैं, उनकी परंपरा का हिस्सा होने के कारण उन्हें ऐसा करने से रोका नहीं जा सकता है क्योंकि यह उनकी परंपरा का हिस्सा है। उन्होंने श्री आनंदपुर साहिब में मनाए जा रहे उक्त पर्व में लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं को शामिल होने की अपील भी की है।


