होला मोहल्ला पर आनंदपुर साहिब में रंगों पर प्रतिबंध:अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार की अपील, मर्यादा संग मनाएं पर्व

अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने होला मोहल्ला पर्व के अवसर पर समस्त सिख संगत से अपील की है। उन्होंने संगत से श्री आनंदपुर साहिब पहुंचकर इस कौमी पर्व को पूर्ण मर्यादा, अनुशासन और खालसाई शानो-शौकत के साथ मनाने का आग्रह किया है। जत्थेदार साहिब ने बताया कि सिख पंथ की नींव प्रथम पातशाह गुरु नानक देव जी ने रखी थी, जिसे गुरु गोबिंद सिंह जी ने खालसा पंथ के रूप में पूर्ण स्वरूप प्रदान किया। उन्होंने कहा कि खालसा पंथ के रहन-सहन, संस्कृति और त्योहार विशिष्ट एवं अनुपम हैं। होला मोहल्ला खालसा का एक प्रमुख कौमी त्योहार है, जिसे विशेष रूप से खालसा की जन्मभूमि श्री आनंदपुर साहिब में धार्मिक गरिमा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। जारी कार्यक्रम के अनुसार, होला मोहल्ला पर्व के दौरान कई धार्मिक आयोजन होंगे। 26 फरवरी से श्री अखंड पाठ साहिब का शुभारंभ होगा 26 फरवरी को गुरुद्वारा किला आनंदगढ़ साहिब में श्री अखंड पाठ साहिब का शुभारंभ होगा, जिसका भोग 1 मार्च को डाला जाएगा। इसके बाद, 2 मार्च को तख्त श्री केसरगढ़ साहिब में अखंड पाठ आरंभ होकर 4 मार्च को संपन्न होगा। 26 फरवरी से 4 मार्च तक कीर्तन, ढाडी वारें, कविशरी और गुरु इतिहास से संबंधित धार्मिक दीवान निरंतर आयोजित किए जाएंगे। जत्थेदार सिंह साहिब ने विशेष रूप से युवाओं से आह्वान किया है कि वे अपने वाहनों पर खालसा निशान साहिब लगाकर अनुशासन में पहुंचें। उन्होंने स्पष्ट किया कि खालसा अकाल पुरख की फौज है और अनुशासन उसका प्राथमिक गुण है। होला मोहल्ला के दौरान श्री कीरतपुर साहिब और श्री आनंदपुर साहिब में रंगों की बिक्री और प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। संगत से प्लास्टिक व थर्मोकोल के बर्तनों का उपयोग न करने तथा लंगर मर्यादा का पालन करने की भी अपील की गई है। जत्थेदार ने अंत में संगत से बड़ी संख्या में पहुंचकर गुरु की बाणी-बाणे के साथ इस पर्व को गरिमामय ढंग से मनाने का आग्रह किया।

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