भरतपुर होली का त्योहार रंग अब जमने लगा है। रंग गुलाल, पिचकारी, टोपी का बाजार सज गया है। यहां से बच्चे और बड़ों ने खरीदारी शुरू कर दी है। इस बार खास तरह की पिचकारियां लाई गई हैं, जिनमें पंप पिचकारी को नया स्वरूप दिया गया है। जिसमें त्रिशूल, गदा, हथौड़ा, कुल्हाड़ी, राइफल, तेग, छतरी, बेलन, चरखी, आईफोन, थम्सअप, लाइटर आदि का डिजाइन दिया गया है, जो आकर्षण का केंद्र बन रही हैं। इसके अलावा रंग बरसाने वाली एके 47 राइफल सहित गन डिजाइन में कई पिचकारी निर्माताओं ने लांच की हैं। खिलौनों की डिजाइन में भी पिचकारी मार्केट में उपलब्ध हैं। बच्चे ही नहीं बड़ों के बीच गुलाल उड़ाने वाला 10 लीटर का टैंक पॉपुलर हो रहा है। इसकी खरीदारी सेलिब्रेशन के अलावा होली मिलन समारोहों के लिए भी की जा रही है। बता दें कि मार्केट में टैंक वाली बड़ी पिचकारी, गन शेप पिचकारी, कार्टून कैरेक्टर वाली पिचकारी और बैग पैक पिचकारी उपलब्ध हैं। बच्चों के लिए छोटा बैकपैक टैंक है, जिसे पीठ पर बांधकर पाइप से पानी छोड़ा जाता है। इसमें एक बड़ा छाता होता है, जिसमें से अलग-अलग डंडियों से रंग निकलते हैं। इसमें पिचकारी चलाने वाला छतरी से खुद को बचा ले सकता है, लेकिन दूसरों को रंगों की बौछार से भिगो सकता है। पिचकारी विक्रेता प्रतीक भाया बताया कि इस बार पिचकारियों और रंगों की बेहतरीन वैरायटी लाई गई है। गत वर्ष की तुलना में कीमत भी 20 प्रतिशत अधिक हुई है। पिचकारियों की कीमत 50 से 1500 रुपए तक है। शहर में 200 से ज्यादा फड़ सज गए हैं, जहां रंग-गुलाल और पिचकारी बिक रही हैं। विक्रेता राजेश कुमार ने बताया कि शनिवार से बाजार उठ जाएगा यानी ग्राहकी तेज हो जाएगी। युवाओं के बीच कलर्ड क्लाउड सिलेंडर का क्रेज। ये 2, 4, 6, 8 और 10 किलो में हैं। इनमें सिंगल, डबल और चार नोजल वाले विकल्प उपलब्ध हैं। विक्रेता प्रतीक भाया ने बताया कि इसमें सिंगल और मल्टी कलर दोनों तरह के रंग भरे जा सकते हैं। कीमत लगभग एक से लेकर पांच हजार रुपए तक है। यह चार्जेबल बैटरी से चलती हैं। बटन दबाते ही तेज धार निकलती है। ये 6 इंच से 3 फीट तक की साइज में उपलब्ध हैं। मैजिक टैंक 2 से लेकर 5 लीटर का है। इसे पीठ पर बेल्ट से बांधा जा सकता है। ट्रिगर दबाने पर गन में से रंगीन फुहार निकलती है।


