लुधियाना। रंगों और खुशियों का त्योहार होली बीत चुका है, लेकिन इस दौरान जमकर खाई गई गुजिया, पकौड़े और मिठाइयां शरीर में भारीपन, सुस्ती और पाचन की समस्याएं छोड़ गई हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि होली के बाद शरीर को डिटॉक्स करना बेहद जरूरी है ताकि मेटाबॉलिज्म दोबारा पटरी पर लौट सके और त्वचा व बालों को केमिकल वाले रंगों के प्रभाव से बचाया जा सके। अंदरूनी सफाई के लिए हाइड्रेशन है कुंजी : डिटॉक्स की शुरुआत शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालने से होती है। इसके लिए सादे पानी की जगह नींबू-पानी, नारियल पानी या डिटॉक्स ड्रिंक्स का सेवन करें। पानी में खीरा, पुदीना और अदरक डालकर इंफ्यूज्ड वॉटर तैयार करें और इसे पूरे दिन घूंट-घूंट करके पिएं। नारियल पानी न केवल हाइड्रेट करता है, बल्कि इलेक्ट्रोलाइट्स को बैलेंस कर थकान भी दूर करता है। सुबह खाली पेट गुनगुने पानी में शहद और नींबू लेना लिवर की सफाई के लिए बेहतरीन विकल्प है। { डाइट में करें बदलाव हल्का खाएं, स्वस्थ रहें : त्योहार के बाद अगले 2-3 दिनों तक मैदे और चीनी से बनी चीजों से पूरी तरह परहेज करें। विशेषज्ञों के अनुसार 60-60 नियम जैसे शोर से बचने के लिए नियम होते हैं, वैसे ही पाचन के लिए भी हल्के और फाइबर युक्त भोजन का चुनाव करें। नाश्ते में पपीता, तरबूज या सेब जैसे फल लें। ये पचने में आसान होते हैं और पेट को ठंडक देते हैं। दोपहर और रात के खाने में खिचड़ी, दलिया या मूंग दाल जैसे सुपाच्य भोजन को प्राथमिकता दें। दही और छाछ को डाइट में जरूर शामिल करें, क्योंकि ये प्राकृतिक प्रोबायोटिक हैं जो पेट की गैस और एसिडिटी को दूर करते हैं। { त्वचा और बालों का खास ख्याल : जिद्दी रंगों को हटाने के लिए त्वचा को रगड़ने के बजाय नारियल तेल या बेसन-दही का उबटन लगाएं। यह त्वचा की नमी वापस लौटाता है और टैनिंग भी कम करता है। बालों को धोने से पहले 30 मिनट के लिए तेल से मालिश करें, ताकि रंगों के हानिकारक तत्व आसानी से निकल जाएं। { नींद और हल्की कसरत : डिटॉक्स प्रक्रिया में नींद की बड़ी भूमिका है। शरीर को रिकवर करने के लिए 7-8 घंटे की गहरी नींद लें। इसके साथ ही, भारी वर्कआउट के बजाय योग, स्ट्रेचिंग या शाम की सैर करें, जिससे रक्त का संचार बढ़े और आप तरोताजा महसूस करें।


