लुधियाना। स्वदेशी मेले की सांझ उस समय खास बन गई जब सूफियाना गायक सतिंदर वडाली ने मंच संभाला और अपनी दमदार, रूहानी आवाज से माहौल को सुरमयी कर दिया। जैसे ही उन्होंने जदों किसी वी कम्म नूं हत्थ लाइए, सोहणे रब दा नाम धियाइए से शुरुआत की, पूरा मेला श्रद्धा से भर उठा। इसके बाद हो जुगनी कत्तदी चरखा, ओ नाम लैंदी साईं दा की गूंज ने श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। जीनूं होवे इश्क बीमारी ओह फिर मर नहीं सकदा गाते हुए उन्होंने इश्क की गहराई को सुरों में ढाल दिया तो दर्शक तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साह बढ़ाते रहे। बूहे बारियां ते नाले कंदा टपके आवांगी हवा बनके और तुसी जद कोल हुंदे हो एह दिल खिलया ही रहंदा जैसे गीतों से समां बांध दिया। करीब 2 घंटे तक चली इस लाइव प्रस्तुति में हर सुर पर श्रोताओं ने भरपूर प्यार लुटाया। यह संगीतमयी शाम लंबे समय तक याद रहेगी।


