₹10 लाख तक कैश ट्रांजैक्शन पर पैन जरूरी नहीं:होटल बिल की लिमिट भी ₹1 लाख; 1 अप्रैल से लागू होंगे इनकम टैक्स के नए नियम

‘नए इनकम टैक्स एक्ट, 2025’ के ड्राफ्ट नियमों में पैन कार्ड की अनिवार्यता से जुड़े बदलाव किए गए हैं। इसका मकसद छोटे ट्रांजेक्शन पर कागजी कार्रवाई कम करना है। 1. कैश ट्रांजेक्शन: साल में ₹10 लाख तक PAN से राहत प्रस्तावित नियमों के मुताबिक, अब एक फाइनेंशियल ईयर में ₹10 लाख या उससे ज्यादा कैश जमा करने या निकालने पर ही पैन नंबर देना अनिवार्य होगा। वर्तमान में बैंकिंग कंपनी या को-ऑपरेटिव बैंक में एक दिन में ₹50,000 से ज्यादा कैश जमा करने पर पैन कार्ड देना जरूरी होता है। सरकार के इस कदम से छोटे व्यापारियों और आम लोगों को राहत मिलेगी। 2. होटल और प्रॉपर्टी: ₹1 लाख के बिल पर नहीं चाहिए पैन होटल या रेस्टोरेंट के बिल चुकाने के लिए अब पैन कार्ड की लिमिट ₹50,000 से बढ़ाकर ₹1 लाख कर दी गई है। यानी अगर आपका बिल ₹1 लाख से कम है, तो पैन की जरूरत नहीं होगी। यही नियम कन्वेंशन सेंटर और इवेंट मैनेजमेंट पेमेंट पर भी लागू होगा। वहीं, प्रॉपर्टी (अचल संपत्ति) की खरीद-बिक्री या गिफ्ट के मामले में यह लिमिट ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹20 लाख करने का प्रस्ताव है। 3. गाड़ी खरीदना: ₹5 लाख से महंगी बाइक पर देना होगा पैन अब गाड़ी खरीदने के नियमों में भी बदलाव किया गया है। अगर आप ₹5 लाख से ज्यादा कीमत की मोटरसाइकिल या कोई भी मोटर व्हीकल खरीदते हैं, तो पैन नंबर देना होगा। मौजूदा नियमों में टू-व्हीलर के लिए पैन की कोई शर्त नहीं थी, जबकि चार पहिया वाहनों के लिए कीमत चाहे जो भी हो, पैन देना अनिवार्य था। अब ₹5 लाख तक की गाड़ियों को इस दायरे से बाहर रखा जा सकता है। 4. इंश्योरेंस: अकाउंट बेस्ड रिलेशनशिप के लिए पैन जरूरी किसी भी इंश्योरेंस कंपनी के साथ अकाउंट-बेस्ड रिलेशनशिप शुरू करने के लिए पैन जरूरी होगा। अभी तक सिर्फ 50 हजार रुपए से ज्यादा के लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम पर ही पैन मांगा जाता था। 5. क्रिप्टो: टैक्स विभाग के साथ जानकारी साझा करना होगा क्रिप्टो एक्सचेंज को अब इनकम टैक्स विभाग के साथ जानकारी साझा करना अनिवार्य होगा। डिजिटल करेंसी को भी अब इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट के रूप में स्वीकार किया गया है। कब से लागू होगा नया एक्ट? CBDT स्टेकहोल्डर्स से चर्चा के बाद मार्च 2026 तक इन नियमों को अंतिम रूप देगा। इसके बाद 1 अप्रैल 2026 से नया इनकम टैक्स एक्ट पूरी तरह प्रभावी हो जाएगा। सरकार का उद्देश्य टैक्स नियमों को सरल बनाना और छोटे ट्रांजेक्शन पर कागजी कार्रवाई को कम करना है।

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