देश में 1 अप्रैल 2026 से नया आयकर अधिनियम 2025 लागू होने जा रहा है, जो 60 साल पुराने आयकर अधिनियम 1961 की जगह लेगा। नए कानून के प्रावधानों, नियमों और बदलावों की सटीक जानकारी आमजन और व्यापारियों तक पहुंचाने के लिए आयकर विभाग जोधपुर की ओर से 10 मार्च को एक विशेष सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है। इस मेगा सेमिनार की रूपरेखा तय करने के लिए बैठक आयकर ऑफिस में आयोजित की गई। शहर के कई प्रतिष्ठित व्यक्तियों और विभिन्न व्यापारिक एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। विचार-विमर्श के बाद तय हुआ कि 10 मार्च को न्यू पावर हाउस रोड स्थित जोधपुर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (जेआईए) हॉल में यह कार्यक्रम रखा जाएगा। सेमिनार में इन प्रमुख बदलावों पर होगी चर्चा कार्यशाला में चार्टर्ड अकाउंटेंट और आयकर अधिकारी नए कानून की बारीकियों को सरल भाषा में समझाएंगे। सेमिनार में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर जानकारी दी जाएगी: ‘टैक्स वर्ष’ का नया नियम: जटिल ‘असेसमेंट ईयर’ (आकलन वर्ष) और ‘प्रीवियस ईयर’ (पिछले वित्तीय वर्ष) के कॉन्सेप्ट को खत्म कर दिया गया है। इसकी जगह अब एक सिंगल ‘टैक्स वर्ष’ की व्यवस्था को समझाया जाएगा। भत्तों में बड़ा इजाफा: पुरानी टैक्स व्यवस्था में मिलने वाली छूट में हुए बड़े बदलावों की जानकारी दी जाएगी। उदाहरण के लिए, बच्चों के शिक्षा भत्ते को 100 रुपए से बढ़ाकर 3,000 रुपए प्रति माह और हॉस्टल भत्ते को 300 रुपए से बढ़ाकर 9,000 रुपए प्रति माह कर दिया गया है। फॉर्म और नियमों का सरलीकरण: फॉर्म 16 जैसे पुराने फॉर्म के नए स्वरूप (नया फॉर्म 130) और टीडीएस व टीसीएस के सुव्यवस्थित नियमों पर प्रेजेंटेशन दिया जाएगा। अधिकारियों की अपील- आमजन के लिए प्रवेश निशुल्क प्रधान आयकर आयुक्त शीला चोपड़ा ने सभी नागरिकों, बिजनेसमैन, प्रोफेशनल्स, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और ट्रेड एसोसिएशन से इस सेमिनार में शामिल होने का निवेदन किया है, ताकि वे नए नियमों के तहत बिना किसी परेशानी के अपना रिटर्न दाखिल कर सकें। बैठक में अपर आयकर आयुक्त अरविंद कुमार गहलोत, संयुक्त आयकर आयुक्त कंचन राम मीना, आयकर अधिकारी राकेश घीया, परवेज अहमद, सुनील वैष्णव और आयकर निरीक्षक रमेश कुमार पंवार मौजूद रहे। कार्यक्रम में प्रवेश पूरी तरह निशुल्क रखा गया है।


