महासमुंद| विकसित भारत 2047 की नींव रखने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ में जनगणना-2027 के प्रथम चरण की तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रदेश के 33 जिलों, 252 तहसीलों और लगभग 20 हजार गांवों में 01 मई से 31 मई 2026 तक मकानों के सूचीकरण और गणना का कार्य संपन्न किया जाएगा। हाल ही में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में अधिकारियों को मोबाइल एप और सीएमएमएस वेब पोर्टल के माध्यम से डेटा संकलन की विस्तृत जानकारी दी गई। इस बार जनगणना में स्वगणना की विशेष सुविधा दी गई है, जिससे जनभागीदारी और आंकड़ों की सटीकता बढ़ेगी। प्रशिक्षण के दौरान जनगणना अधिनियम, पूछे जाने वाले प्रश्नों और तकनीकी समस्याओं के समाधान पर चर्चा की गई। यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और हाई-टेक होगी, जो राज्य के भविष्य के नीति-निर्धारण में मील का पत्थर साबित होगी।


