भास्कर न्यूज| महासमुंद नीति आयोग की महानिदेशक व जिले की प्रभारी सचिव निधि छिब्बर ने बुधवार को आकांक्षी विकासखंड पिथौरा का दौरा किया। उन्होंने संपूर्णता अभियान 2.0 के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला बाल विकास जैसे प्रमुख संकेतकों की गहन समीक्षा की और विकास कार्यों का जमीनी निरीक्षण किया। समीक्षा बैठक के दौरान छिब्बर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि केवल लक्ष्यों को कागजों पर पूर्ण करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी गुणवत्ता और निरंतरता बनाए रखना असली जिम्मेदारी है। बैठक में जिले में दूध उत्पादन की अपार संभावनाओं को देखते हुए पशुपालन विभाग को विशेष कार्ययोजना बनाने को कहा। स्व-सहायता समूहों को बैंक लिंकेज से जोड़ने और उनकी आजीविका गतिविधियों के लिए पर्याप्त स्थान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। एसडीजी (सतत विकास लक्ष्य) के मानकों को ध्यान में रखकर कार्य करने पर जोर दिया। बैठक में बताया गया कि जिला कई पैमानों पर शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर चुका है। शिशु स्वास्थ्य में नवजात बच्चों के वजन मापन में 100% उपलब्धि दर्ज की गई है। पशुपालन में जिले में 99.61% पशुओं का टीकाकरण पूर्ण हो चुका है। पिथौरा ब्लॉक ने खुरपका-मुंहपका टीकाकरण में 100% से अधिक लक्ष्य हासिल किया है। शिक्षा में जिले के सभी 1,956 विद्यालयों में बालिकाओं के लिए क्रियाशील शौचालय उपलब्ध हैं। पोषण में आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के वजन व ऊंचाई मापन की दक्षता 99.86% रही है। इस मौके पर जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार, नीति आयोग के अपर सचिव सतीश गोस्वामी, एसडीएम बजरंग वर्मा सहित विभिन्न विभागों के जिला और ब्लॉक स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। स्कूल, आंगनबाड़ी व दुग्ध केंद्र का किया निरीक्षण समीक्षा के पश्चात प्रभारी सचिव ने लहरौद और गोड़बहाल क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने लहरौद आंगनबाड़ी में बच्चों के पोषण स्तर, टीकाकरण रजिस्टर और स्वच्छता का अवलोकन किया। इस दौरान नवीन प्राथमिक शाला के कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया और शैक्षणिक स्तर व मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता जांची। गोड़बहाल दुग्ध केंद्र में महिला समूहों के संचालित दुग्ध व्यवसाय का निरीक्षण कर उन्हें बेहतर मार्केटिंग और आजीविका विस्तार के लिए प्रेरित किया।


