अमृतसर| विद्यार्थियों और शोधार्थियों द्वारा संचालित संस्था ‘नाद प्रगाह श्री अमृतसर’ की ओर से खालसा कॉलेज फॉर वुमेन में 11वें अमृतसर साहित्य उत्सव का शानदार आगाज हुआ। उत्सव के पहले दिन साहित्य और दर्शनशास्त्र के विभिन्न पहलुओं पर तीन महत्वपूर्ण सत्र आयोजित किए गए। उद्घाटन सत्र में पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ के प्रो. अक्षय कुमार ने कहा कि लोकप्रिय साहित्य का निर्माण अक्सर अकादमिक जिम्मेदारी के अभाव में होता है। सत्र की अध्यक्षता करते हुए डॉ. राजेश शर्मा ने पंजाबी विश्वविद्यालयों से शोध कार्यों को प्रचलित रुझानों से ऊपर उठाकर नई दिशा देने का आह्वान किया। दूसरे सत्र में जेएनयू के डॉ. उदय रत्न और डॉ. रोनाल्ड सहित अन्य विद्वानों ने पाश्चात्य और भारतीय दर्शन पर सारगर्भित शोध-पत्र प्रस्तुत किए। इस दौरान डॉ. आनंद स्पेंसर की पुस्तक ‘धर्म को समझना’ और डॉ. गुरभगत सिंह की पुस्तक का दूसरा संस्करण भी जारी किया गया। कार्यक्रम में दिल्ली, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर के विश्वविद्यालयों के शोधार्थियों ने भाग लिया।


