भास्कर न्यूज | अमृतसर शोध संस्था नाद प्रगासु द्वारा खालसा कॉलेज फॉर वुमन में आयोजित 11वें ‘अमृतसर साहित्य उत्सव’ का दूसरा दिन अकादमिक चर्चाओं और वैचारिक मंथन के नाम रहा। उत्सव में पंजाब के अलावा दिल्ली, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर के विभिन्न विश्वविद्यालयों से आए शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। दिन का पहला सत्र धर्म-अध्ययन को समर्पित था। सत्र की अध्यक्षता करते हुए कमला नेहरू कॉलेज की डॉ. गगनजोत कौर ने धर्म के अध्ययन को एक संवेदनशील और उत्तरदायित्वपूर्ण कार्य बताया। उन्होंने पारंपरिक शोध-पद्धतियों के साथ-साथ धर्म के गहन आयामों को उजागर करने वाली नई प्रविधियां विकसित करने का आह्वान किया। दूसरे सत्र में लोकप्रिय संस्कृति और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के माध्यम से ज्ञान के प्रसार पर चर्चा हुई। सत्र अध्यक्ष डॉ. ललन बघेल ने डिजिटल नैतिकता के प्रश्न को रेखांकित करते हुए लोकप्रिय संस्कृति के जरिए इतिहास-लेखन के नए आयामों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर डॉ. सुखविंदर सिंह द्वारा संपादित पुस्तक और ‘शब्दार्थ’ शोध-पत्रिका के नवीन अंक का लोकार्पण भी किया गया। कार्यक्रमों का संचालन डॉ. बिक्रमजीत सिंह, डॉ. वरुण विगमिल और जसविंदर सिंह ने बखूबी निभाया। उत्सव के तीसरे दिन कवि दरबार, संगीत प्रस्तुति और बसंत राग गायन के विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।


