नामकुम | नामकुम रेलवे स्टेशन के समीप 11 वर्षों से बंद पड़े श्री 1008 महाकाल मंदिर नामकुम का द्वार दोबारा खोल दिया गया है। मंदिर खुलने के उपलक्ष्य में 25 फरवरी को महा रुद्राभिषेक, प्राण-प्रतिष्ठा, वेदी पूजन और भव्य भंडारे का आयोजन किया जाएगा। खिजरी स्थित जलेश्वर धाम मंदिर के पुजारी पंडित रोहितानंद महाराज ने बताया कि कई वर्ष पहले वहां एक कक्ष बनाकर ‘महाकाल बाबा’ निवास करते थे। उसी कक्ष में उन्होंने भगवान शिव, माता पार्वती और नंदी की प्रतिमाएं स्थापित कर एक छोटे मंदिर का निर्माण कराया था। वहां नियमित पूजा-अर्चना और हवन होता था। बाद में महाकाल बाबा का निधन भी उसी मंदिर परिसर में हुआ। उनके शिष्य जितेंद्र सिंह मंदिर की देखरेख करते थे और प्रतिवर्ष भंडारे का आयोजन भी कराते थे। जितेंद्र सिंह के निधन के बाद मंदिर बंद पड़ा रहा। स्थानीय लोगों में मंदिर का दरवाजा खोलने को लेकर संकोच बना रहा। पंडित रोहितानंद महाराज ने बताया कि हाल में उन्होंने मंदिर को पुनः खोलने का संकल्प लिया। द्वार खोले जाने पर प्रतिमाएं सुरक्षित और पूर्ववत स्थापित मिलीं। इसके बाद प्रतिमाओं की साफ-सफाई और रंग-रोगन कराया गया। अब विधि-विधान से प्राण-प्रतिष्ठा और भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन समिति के अनुसार भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। क्षेत्र में मंदिर खुलने से भक्तों में उत्साह का माहौल है।


