मध्य प्रदेश में 12वीं बोर्ड परीक्षाएं मंगलवार से शुरू हो गई। पहले दिन अंग्रेजी का पेपर हुआ। इस दौरान प्रदेश में 13 नकल के मामले दर्ज हुए हैं। सबसे ज्यादा 7 केस भोपाल और 6 केस ग्वालियर से सामने आए हैं। बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि ज्यादातर केस ग्रामीण क्षेत्रों के हैं। विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अंग्रेजी विषय की परीक्षा प्रदेश के कुल 3604 परीक्षा केंद्रों पर हुई। जिसमें लगभग 61,2609 स्टूडेंट्स शामिल हुए। बता दें, इस वर्ष नकल रोकने के लिए फ्लाइंग स्क्वॉड, सीसीटीवी निगरानी और थानों से प्रश्न-पत्र निकालने तक वीडियोग्राफी की गई है। भोपाल के 104 सेंटर पर 2600 के करीब स्टूडेंट ने मंगलवार को एग्जाम दिया है। 226 एग्जाम सेंटर की सीसीटीवी से निगरानी
पायलेट प्रोजेक्ट के तहत प्रदेश के 3 जिलों के 226 एग्जाम सेंटर पर सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं। इन कैमरों की लाइव स्ट्रीमिंग परीक्षा अवधि में मंडल मुख्यालय और जिले के कलेक्टर व जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में बनाए गए कन्ट्रोल रूम में किए जाने के व्यवस्था की गई है। प्रदेश भर में 16 लाख से ज्यादा छात्र शामिल इस बार प्रदेश में 10वीं और 12वीं की परीक्षा में करीब 16 लाख छात्र परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। इनमें 9 लाख 7 हजार विद्यार्थी कक्षा 10वीं की परीक्षा देंगे, जबकि करीब 7 लाख छात्र 12वीं की बोर्ड परीक्षा में बैठ रहे हैं। इतने बड़े स्तर पर होने वाली परीक्षाओं को शांतिपूर्ण, नकलमुक्त और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन और शिक्षा विभाग ने महीनों पहले से तैयारियां शुरू कर दी थीं। देखिए, परीक्षा सेंटर के बाहर की तस्वीरें… परीक्षार्थी बोले- पेपर आसान रहा मंगलवार को हुए 12वीं अंग्रेजी के पर्चे के बाद सेंटर से निकलते हुए विद्यार्थियों ने कहा कि पेपर ठीक और मिलाजुला रहा है। जलज शर्मा ने बताया कि आज का एग्जाम बहुत अच्छा रहा। उन्नति ने बताया कि एग्जाम जैसा सोचा था वैसा ही आया। वंश ठाकुर ने बताया कि पेपर आसान था। जैसा सोचा वैसा ही आया था। 3856 परीक्षा केंद्र, हर जिले में सख्त निगरानी बोर्ड परीक्षाओं के लिए पूरे प्रदेश में 3856 परीक्षा केंद्र बनाए हैं। भोपाल की बात करें तो यहां 10वीं के 30 हजार 746 और 12वीं के 26 हजार 627 छात्र परीक्षा दे रहे हैं।। इन छात्रों के लिए भोपाल में कुल 104 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। हर जिले में चार-चार फ्लाइंग स्क्वॉड गठित किए हैं। इनमें से दो स्क्वॉड विकासखंड स्तर पर और दो जिला स्तर पर काम करेंगे। हर स्क्वॉड में तीन सदस्य होंगे और तीनों पुलिस या प्रशासनिक स्तर के अधिकारी होंगे, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई हो सके। संवेदनशील केंद्रों पर ‘तीसरी आंख’ का पहरा नकल और अनुचित साधनों पर रोक लगाने के लिए इस बार तकनीक का भरपूर इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रशासन ने संवेदनशील परीक्षा केंद्रों की पहचान कर वहां सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। इन केंद्रों पर होने वाली गतिविधियों पर भोपाल स्थित बोर्ड कार्यालय से सीधी निगरानी रखी जाएगी। इसके अलावा, थानों से प्रश्न-पत्र निकालने के दौरान भी वीडियोग्राफी अनिवार्य की गई है और सुरक्षा गार्ड्स की तैनाती की गई है। इसका मकसद है कि परीक्षा प्रक्रिया की हर कड़ी पारदर्शी और सुरक्षित बनी रहे। स्कूलों को सख्त निर्देश… एक भी छात्र न छूटे माध्यमिक शिक्षा मंडल की तरफ से स्कूलों को कहा है कि नोटिस बोर्ड, मॉर्निंग असेंबली और अभिभावक व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए यह सूचना तुरंत साझा करें। शिक्षकों को व्यक्तिगत रूप से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि कोई भी छात्र पुरानी तारीखों के भरोसे परीक्षा से वंचित न रह जाए। चयनित केंद्रों पर भोपाल से सीधी मॉनिटरिंग माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा प्रदेश के हर जिले में पांच-पांच परीक्षा केंद्रों को विशेष मॉनिटरिंग के लिए चुना है। इन केंद्रों पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की निगरानी सीधे भोपाल स्थित बोर्ड कार्यालय से की जाएगी। इसके अलावा, औचक निरीक्षण के लिए उड़नदस्ते भी लगातार सक्रिय रहेंगे, जिनमें शिक्षा विभाग के साथ प्रशासनिक अधिकारी शामिल होंगे।


