स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर 12 जनवरी को मानसरोवर ग्लोबल यूनिवर्सिटी और मानसरोवर ग्रुप ऑफ इंस्टीटयूशन द्वारा ”युवा महोत्सव 2025” का आयोजन किया जा रहा है। 12 जनवरी को होने वाले महोत्सव में ड्राइंग, क्राफ्ट, डिजिटल क्रिएटिविटी और भाषण इवेंट का भी आयोजन किया जा रहा है। इसके साथ ही देश के जाने माने म्यूजिक बैंड ‘कबीर कैफे’ की परफॉर्मेंस भी होगी। बता दें कि कबीर कैफे बैंड कबीर के दोहे-भजनों की प्रस्तुतियों के अलावा अपनी एक खास परफॉर्मेंस ‘मत कर माया का अहंकार, मत कर काया का अभिमान, काया गार से काची’ के लिए युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय है। ऐसे शुरू हुआ था कबीर कैफे बैंड
बैंड के सदस्य मुकुंद रामास्वामी के अनुसार बैंड के बनने की कहानी भी बड़ी मजेदार है। नीरज आर्या नाम का लड़का मुंबई में कई जगहों पर अकेले ही कबीर के दोहे, भजन गाता था। एक दिन बांद्रा स्टेशन पर मुकुंद की उससे मुलाकात हुई। मुकुंद कर्नाटक शास्त्रीय वायलिन की शिक्षा ले रहे थे, इस दौरान नीरज ने मुकुंद को सुना। फिर दोनों साथ चल पड़े कबीर सुनाने के लिए। कई दिनों तक नीरज गिटार बजाकर गाते रहे और मुकुंद वायलिन पर संगत देते रहे। धीरे-धीरे रमन अय्यर, जो तब तक केवल शौक के तौर पर मैन्डोलिन बजाते थे वह और उनके साथ ड्रम पर विरेन सोलंकी और ब्रित्तो केसी बास गिटार बजाने के लिए साथ जुड़ गए। यह है बैंड की ख़ासियत
ग्रुप की खासियत ही यही है कि इस ग्रुप का हर सदस्य एक अलग कल्चर और म्यूजिक बैकग्राउंड से हैं। लीड वोकलिस्ट नीरज आर्या लोक गीत से जुड़े रहे हैं। रमन अय्यर और ड्रमर व प्रकरशन बजाने वाले वीरेन सोलंकी भारतीय शास्त्रीय संगीत से जुड़े थे और उस्ताद जाकिर हुसैन के शिष्य रहे हैं। वो अब ड्रम पर तबले का प्रयोग करते हैं। वहीं केसी बास गिटार व गायन में साथ देते हैं। मुकुंद खुद भी कर्नाटक क्लासिकल बैकग्राउंड से हैं और ग्रुप में वोकलिस्ट हैं। ऐसे करें रजिस्ट्रेशन
कबीर कैफे की परफॉर्मेंस देखने के लिए आपको वेबसाइट https://yuva.mguindia.com/ पर जाकर फ्री रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके बाद आपको शहर के चार अलग अलग इलाकों से इसका फ्री पास प्राप्त कर सकते हैं। इसमें अन्य कॉलेज के स्टूडेंट्स भी देख सकते हैं। यह परफॉर्मेंस भी इन प्रतियोगिताओं में ले सकते हैं भाग
ग्रुप के चीफ एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर गौरव तिवारी ने बताया कि युवा महोत्सव में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताएं युवा प्रतिभागियों के लिए सकारात्मक पहल साबित होगी। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम युवाओं को स्वामी विवेकानंद के आदर्शों पर चलने के लिए प्रेरित करेंगे। इस दौरान चित्रकला, क्राफ्ट, डिजिटल क्रिएटिविटी और भाषण आदि प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जा रहा है। जिसमें 18 से 35 वर्ष के विद्यार्थी 7 जनवरी से पहले क्यूआर कोड के माध्यम से रजिस्ट्रेशन कर हिस्सा ले सकते हैं। विजेता को 11,000 का प्रथम, 8,000 का द्वितीय और 5,000 का तृतीय पुरस्कार दिया जाएगा।


