देश की 10 प्रमुख ट्रेड यूनियनों और 100 से अधिक जन संगठनों के आह्वान पर 12 फरवरी को होने वाली राष्ट्रव्यापी हड़ताल के समर्थन में मंगलवार को कर्मचारी भवन बुढ़ापारा से मशाल रैली निकाली गई। रैली में बड़ी संख्या में श्रमिक, कर्मचारी और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए सभा में बदल गई। सभा में वक्ताओं ने केंद्र सरकार की चार नई श्रम संहिताओं का विरोध किया। उन्होंने कहा कि इन कानूनों से मजदूरों के अधिकार कमजोर होंगे और निजीकरण को बढ़ावा मिलेगा। नेताओं का कहना था कि श्रमिक संगठनों के विरोध के बावजूद इन नियमों को लागू किया जा रहा है।
हड़ताल में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच के संयोजक धर्मराज महापात्र ने कहा कि 12 फरवरी 2026 की देशव्यापी हड़ताल श्रमिकों और आम जनता के हित में है। उन्होंने प्रदेश के सभी मजदूरों और कर्मचारियों से हड़ताल में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की। सभा के अंत में सभी संगठनों ने एकजुट होकर हड़ताल को सफल बनाने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि यह आंदोलन श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए जरूरी है।


