12 लाख 959 लाभुकों को नहीं मिली धोती-साड़ी, मार्च तक ही दी जानी थी

झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी सोना-सोबरन धोती-साड़ी-लुंगी योजना के तहत हर छमाही में गरीबों को 10 रुपए में धोती-साड़ी और लुंगी दी जाती है। लेकिन पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 की दूसरी छमाही के ही 12 लाख 959 लाभुकों को अभी इसका लाभ नहीं मिला है। इनमें तीन जिले ऐसे हैं, जहां एक लाख से ज्यादा लोगों को धोती, साड़ी, लुंगी का वितरण बकाया है। इन जिलों में सबसे ज्यादा पूर्वी सिंहभूम जिले में 1,32,223 धनबाद में 1,29,386, औैर रांची जिले में 1,16,693 लाभुकों को धोती, साड़ी औैर लुंगी का वितरण नहीं हो पाया है। यह मार्च 2025 तक ही वितरीत किया जाना था। उल्लेखनीय है कि राज्य के खाद्य आपूर्ति मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने पूर्व में ही यह घोषणा की थी कि दीपावली से सभी को नए वित्तीय वर्ष का धोती, साड़ी, लुंगी का वितरण शुरू हो जाएगा। लेकिन, अब तक वितरण का कार्य शुरू नहीं हो पाया है। दिसंबर खत्म होने को है, पर हर जिले में बकाया बोकारो जिले में 72,790, चतरा में 28,600, देवघर में 39947, दुमका में 44075 और गढ़वा में 58,407 लोेगों को धोती, साड़ी, लुंगी का वितरण नहीं है। इसी तरह, गिरिडीह में 85431, गोड्डा में 48069 गुमला में 24619, हजारीबाग में 50126, जामताड़ा 17980, खूंटी 13920, कोडरमा 13524, लोहरदगा 13569, पाकुड़21451 , पलामू 59799, रामगढ़ 17688, साहिबगंज 32584, सरायकेला खरसावां 66489, सिमडेगा 17763, पश्चिमी सिंहभूम 83022 औैर लातेहार में 14063 लाभुकों को धोती, साड़ी, लुंगी मिलना अब भी बकाया है। यह स्थिति तब है जबकि दिसंबर अब खत्म होने वाला है। चालू वित्त वर्ष में 9 माह बाद भी आपूर्ति शुरू नहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 के 9 माह बीत चुके हैं। लेकिन पहली छमाही की धोती, साड़ी और लुंगी का वितरण शुरू नहीं हो पाया है। हालांकि टेंडर हो चुका है। कंपनी को आपूर्ति के लिए आदेश दिया जा चुका है। कंपनी से आपूर्ति किए जाने के बाद इसे प्रखंडों में भेजा जा रहा है। वहां से गुणवत्ता जांच के लिए लैब में भेजा जाएगा। रिपोर्ट के बाद ही पीडीएस दुकानदारों को वितरण के लिए धोती, साड़ी, लुंगी उपलब्ध कराया जाएगा। जनवरी से धोती, साड़ी, लुंगी का वितरण कार्य शुरू हो जाएगा धोती, साड़ी व लुंगी के लिए कंपनी को वर्क आर्डर दिया जा चुका है। जनवरी 2026 से लाभुकों के बीच वित्तीय वर्ष 2025-26 का धोती, साड़ी, लुंगी का वितरण शुरू हो जाएगा। – दिलीप तिर्की, खाद्य निदेशक

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