नरसिंहपुर जिले के बम्होरी गांव की 12 साल की छवि विश्वकर्मा चर्चाओं में हैं। उनका एमपी कैबिनेट के पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल से मंच पर लिया गया इंटरव्यू सामने आया है। सवालों से प्रभावित हुए मंत्री ये इंटरव्यू दो दिन पहले बम्होरी गांव में एक अस्पताल के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान हुआ। मंच पर ही छवि ने मंत्री प्रहलाद पटेल से कई सवाल पूछे। उनकी छोटी उम्र के बावजूद सवालों की गहराई और आत्मविश्वास ने उपस्थित लोगों और मंत्री प्रहलाद पटेल को भी प्रभावित किया।
आध्यात्मिक पहलुओं पर किए सवाल छवि ने मंत्री से नर्मदा परिक्रमा, नर्मदा संगम की ऊर्जा और उसके आध्यात्मिक पहलुओं पर गहन सवाल किए। उन्होंने पूछा कि नर्मदा संगम को ऊर्जा का केंद्र क्यों माना जाता है और इसका आम जीवन में क्या संदेश है। इसके जवाब में मंत्री प्रहलाद पटेल ने विस्तार से बताया कि जहां संगम होता है, वहां जीवन की संभावना होती है। उन्होंने कहा कि नर्मदा दुनिया की एकमात्र नदी है जिसकी परिक्रमा की जाती है, यही उसकी विशेष शक्ति है। मंत्री ने मुस्कुराते हुए छवि की प्रशंसा की और कहा कि लगता है नर्मदा जी का असर आप पर भी है, इसलिए इतने अच्छे प्रश्न पूछ पा रही हैं। भील की तीन रोटी कथा का जाना संदेश छवि ने मंत्री द्वारा पहले बताई गई ‘भील की तीन रोटियों’ की कथा पर भी सवाल उठाया। उन्होंने जानना चाहा कि उस कहानी का असली संदेश किसका था-भील का, गुरु का या स्वयं मंत्री का। इस पर प्रहलाद पटेल ने बताया कि संदेश देने वाला कोई एक व्यक्ति नहीं होता। उन्होंने स्पष्ट किया कि उस भील ने नशे में होने के बावजूद अपने पास मौजूद आटे का आधा हिस्सा दान कर मानवता का बड़ा उदाहरण प्रस्तुत किया। वहीं, उनके गुरु ने सिखाया कि किसी भूखे को एक रोटी मिल जाए तो वही सबसे बड़ा धर्म है।


