1200 आबादी वाला गांव एक हैंडपंप के सहारे:बैतूल में जल जीवन मिशन योजना ठप, एक साल पहले बिछी पाइपलाइन अब तक नहीं हुई चालू

बैतूल। सरकार भले ही हर घर जल पहुंचाने का दावा कर रही हो, लेकिन भीमपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत काबरा के घोड़फोड़ माल गांव की स्थिति इन दावों की सच्चाई सामने ला रही है। करीब 1200 की आबादी वाला यह गांव भीषण जल संकट से जूझ रहा है और लोगों को पीने के पानी के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एक साल पहले बिछी पाइपलाइन ग्रामीणों ने बताया कि करीब एक साल पहले जल जीवन मिशन के तहत गांव में पाइपलाइन बिछाई गई थी। इस पर लाखों रुपये खर्च किए गए, घर-घर नल लगाए गए, लेकिन आज तक नियमित पानी की सप्लाई शुरू नहीं हो सकी। दीपावली के समय करीब एक महीने तक नलों में पानी आया, इसके बाद योजना पूरी तरह बंद हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि जब पानी ही नहीं देना था, तो फिर लाखों रुपये खर्च करने का क्या मतलब था। नल तो लगे हैं, लेकिन उनमें पानी की एक बूंद भी नहीं आती। इससे लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। तीन हैंडपंप, दो खराब, एक पर पूरा गांव निर्भर गांव में कुल तीन हैंडपंप हैं, जिनमें से दो लंबे समय से खराब पड़े हैं। केवल एक हैंडपंप चालू है, जो गांव से करीब आधा किलोमीटर दूर स्थित है। सुबह से शाम तक इस हैंडपंप पर भीड़ लगी रहती है और महिलाओं को घंटों लाइन में लगकर पानी भरना पड़ता है। महिलाओं को पानी लेने दूर जाना पड़ता स्थानीय महिलाओं ने बताया कि पानी लाने में उनका आधा दिन निकल जाता है। कई बार बारी नहीं आने पर खाली हाथ लौटना पड़ता है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए स्थिति और भी कठिन हो गई है। ग्राम सरपंच झुमकलाल ने बताया कि नल जल योजना दीपावली के समय शुरू हुई थी, लेकिन वोल्टेज की कमी और बिजली की समस्या के कारण कुछ ही महीनों में बंद हो गई। पानी उपलब्ध है, लेकिन बिजली नहीं होने से मोटर नहीं चल पा रही है, जिससे पाइपलाइन से पानी की सप्लाई बंद है। उन्होंने बताया कि बीते एक महीने से योजना पूरी तरह ठप पड़ी है। ग्रामीणों का आरोप है कि अब तक कोई भी जिम्मेदार अधिकारी गांव की स्थिति देखने नहीं पहुंचा है। कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश इधर, कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने सोमवार को हुई समयसीमा बैठक में नल जल योजनाओं के हैंडओवर में लापरवाही बरतने वाले जनपद सीईओ और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पूर्ण हो चुकी योजनाओं को जल्द हैंडओवर कराया जाए और शेष घरेलू नल कनेक्शन के कार्य में तेजी लाई जाए। गौरतलब है कि 13 दिसंबर को जनसंपर्क विभाग ने दावा किया था कि जिले में जल जीवन मिशन के तहत 1096 नल जल योजनाएं पूरी हो चुकी हैं और 2 लाख से ज्यादा घरों को नल कनेक्शन दिए गए हैं। लेकिन घोड़फोड़ माल जैसे गांव इन सरकारी दावों की हकीकत उजागर कर रहे हैं, जहां आज भी लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *