जिले में डिस्काॅम के ओवरलाेड सिस्टम के कारण पिछले दाे साल से पावर व डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर जलने तथा केमिकल अर्थिंग फेल हाेने से निगम को एक अरब 18 कराेड़ 40 लाख 47 हजार का नुकसान हुआ। 3.15 एमवीए के 52, 5 एमवीए के 6 तथा 1 एमवीए के 2 पावर ट्रांसफार्मर जलने से डिस्काॅम काे करीब 23 कराेड़ 4 लाख 56 हजार लागत के 60 पावर ट्रांसफार्मर जले, जिन्हें तंत्र काे सुचारू करने के लिए बदलना पड़ा। 2023 में 38 तथा इस साल 22 पावर ट्रांसफार्मर अब तक जल चुके हैं। इन सभी ट्रांसफार्मर की केमिकल अर्थिंग के लिए प्रत्येक सब डिवीजन में 15 लाख रुपए खर्च हुए थे। ऐसे में पावर ट्रांसफार्मर के जलने से डिस्काॅम काे करीब 24 कराेड़ 60 लाख का घाटा हुअा। वहीं दाे साल में सिंगल फेज के 34 कराेड़ 99 लाख लागत के 7141 तथा थ्री फेज के 58 कराेड़ 81 लाख लागत के 6683 ट्रांसफार्मर जले। ओवरलाेड सिस्टम के चलते रबी की सीजन में औसत राेजाना 50 ट्रांसफार्मर जल रहे हैं। सुपर स्पेशल कनेक्शन धड़ल्ले से जारी किए जा रहे है। इसमें डिस्काॅम के खाते में मात्र 5 प्रतिशत सर्विस चार्ज ही मिल रहा है। इसमें भी 24 घंटे फीडरों पर सिंतबर 2024 तक 182 कनेक्शन जारी हुए। 2 साल में 93 कराेड़ 80 लाख के 13524 ट्रांसफार्मर जले पिछले साल जिले में 3717 तथा इस साल अब तक सिंगल फेज के 3424 ट्रांसफार्मर जल चुके हैं। डिस्काॅम की अक्टूबर में जारी रेट लिस्ट में एक 10 केवीए सिंगल ट्रांसफार्मर की कीमत 49735 रुपए है। ऐसे में 5, 10 व 16 के जले सिंगल फेस ट्रांसफार्मर में औसत 10 केवीए के हिसाब से 34 कराेड़ 99 लाख 9 हजार रुपए के 7141 ट्रांसफार्मर जल चुके हैं। वहीं गत साल थ्री फेज के 3441 तथा इस साल में अब तक 3242 थ्री फेज ट्रांसफार्मर जल चुके है। 25 केवीए ट्रांसफार्मर की कीमत 88 हजार 423 रुपए के हिसाब से पिछले दाे साल में डिस्काॅम काे करीब 58 कराेड़ 81 लाख 4 हजार रुपए का हुअा। कृषि कनेक्शनाें के लिए ठेकेदाराें की ओर से डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर की अर्थिंग के रुपए भी उठाए जा रहे है लेकिन कई किसान अपने स्तर पर अर्थिंग कर रहे है। सुपर स्पेशल 900 कनेक्शन 24 घंटे लाइन पर 187 दिए अधिकारियाें व ठेकेदारों की मिलीभगत के चलतेे सुपर स्पेशल श्रेणी के दिसंबर 2021 के बाद से अब तक 960 कनेक्शन किए गए। इनमें बाड़मेर सर्किल में 900 व बालाेतरा में 60 कनेक्शन जारी किए गए। अधिकारियाें ने 24 घंटे फीडराें पर भी 187 कनेक्शन जारी कर दिए। सबसे अधिक कनेक्शन गडराराेड, शिव, भिंयाड़, चाैहटन व शहर द्वितीय में जारी हुए। वहीं पीएचईडी के स्वतंत्र फीडराें पर भी कनेक्शन दिए । ऐसे में पीएचईडी के स्राेत भी लाॅ वाेल्टेज समस्या के चलते बंद रहे। सिस्टम तैयार नहीं था, लेकिन डिस्काॅम अधिकारियाें ने लगातार कृषि कनेक्शन किए। इस वित्तीय वर्ष में सामान्य श्रेणी के 832, एससी श्रेणी के 216 तथा बूंद-बूंद कृषि के 377 कनेक्शन जारी हुए। सीधी बात – अशाेक मीना, एसई – सरकार की पॉलिसी है हमें तो कनेक्शन जारी करने हैं सवाल: 22 पावर ट्रांसफार्मर जल गए?
जवाब: पिछले साल 38 जले। सवाल: 24 घंटे फीडर पर कितने कनेक्शन किए गए?
जवाब: इसके बारे में मेरे कार्यालय में सूचना नहीं आती, एईएन कार्यालय से पता कर बताऊंगा। सवाल: डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर भी जल रहे है? जवाब: ट्रांसफार्मर जलते रहते है इन्हें बदल दिया जाता है। सवाल: सिस्टम ओवरलाेड चल रहा है फिर भी कनेक्शन जारी किए जा रहे है।
जवाब: सरकार की पॉलिसी है हमें ताे कनेक्शन जारी करने है। सवाल: आपकी ज्वाइनिंग के बाद अब तक कितने कृषि कनेक्शन हुए?
जवाब: 800 के करीब कनेक्शन किए गए, सही आंकड़ा पूछकर बताऊंगा। सवाल: कितना लाेड बढ़ा?
जवाब: दाे एमबीए के हिसाब से कृषि कनेक्शन काे गुणा करने पर सही आंकड़ा आएगा। वजह : इन 5 कारणों से जल रहे ट्रांसफार्मर -सही अर्थिंग नहीं की गई।
– ओवरलाेड सिस्टम।
– ट्रांसफार्मर की क्वालिटी घटिया।
– ट्रांसफार्मर की मेंटेनेंस नहीं हाेना।
– ट्रांसफार्मर पर क्षमता से अधिक कनेक्शन देना।


