डूंगरपुर में अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सरकारी विभागों की छतों पर सोलर पैनल लगाए जा रहे हैं। अब तक 14 विभागों में 229 किलोवाट क्षमता के पैनल स्थापित किए जा चुके हैं, जिनसे प्रतिदिन 1100 यूनिट बिजली का उत्पादन हो रहा है। इससे इन विभागों का बिजली बिल शून्य हो गया है और बिजली की खपत में भी कमी आई है। सरकार बिजली की समस्या को दूर करने के लिए सोलर पैनल को बढ़ावा दे रही है। इसी क्रम में जिले के सरकारी विभागों की छतों पर कुल 6000 किलोवाट तक के सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। केंद्र और राज्य सरकारें घरेलू उपभोक्ताओं को 3 किलोवाट तक के सोलर पैनल पर 78,000 रुपए तक की सब्सिडी भी प्रदान कर रही हैं। बिजली निगम के एसई वीके दोशी ने बताया कि यह कार्य राजस्थान रिन्यूएबल एनर्जी कॉरपोरेशन लिमिटेड (आरआरईसीएल) द्वारा करवाया जा रहा है। एजेंसी ने इसके लिए ठेके दिए हैं, जिसमें प्रताप टेक्नोक्रेट्स कंपनी डूंगरपुर जिले में सोलर पैनल लगाने और उनके रखरखाव का काम संभालेगी।
जिले में सरकारी विभागों की छत के साथ-साथ उनकी मांग और बिजली की खपत के अनुसार सोलर पैनल स्थापित किए जा रहे हैं। 14 विभागों में 229 किलोवाट के पैनल लगने से अब हर रोज 1100 यूनिट बिजली बन रही है। इससे पहले इन विभागों में हर महीने हजारों रुपये का बिजली बिल आता था, लेकिन अब उन्हें बिजली के बिल और दिन में बिजली गुल होने की समस्या से निजात मिल गई है। इन विभागों की छतों पर लगे सोलर पैनल
एसई वीके दोशी ने बताया कि जिले में बिजली निगम के ही एसई ऑफिस, मीटर विंग ओर पूरे परिसर में 44 किलोवाट तक के सोलर पैनल लगाए गए है। वहीं, महारावल स्कूल परिसर की छत पर 49 किलोवाट का बिजली जनरेशन प्लांट लगाया है। रिजर्व पुलिस लाइन, महिला पुलिस बैरक ओर महिला थाने पर 17-17 किलोवाट के तीन पैनल लगे है। पीडबल्यूडी विभाग, सहकारी समिति, सदर थाना ओर एक्सईएन ऑफिस क्वालिटी कंट्रोल पीडबल्यूडी पर भी 17-17 किलोवाट के पैनल लग गए है। इनसे रोज 1100 यूनिट बिजली बन रही है। ये बिजली अभी इन विभागों की डिमांड के अनुसार ही है। इसके अलावा 35 सरकारी विभागों की छतों पर सोलर पैनल के लिए स्ट्रक्चर तैयार हो गए है। एक महीने में इनके भी पैनल लगाकर जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा। मेडिकल कॉलेज और अस्पताल पर सबसे बड़ा 700 किलोवाट का पैनल
डूंगरपुर मेडिकल कॉलेज थाना और श्री हरिदेव जोशी जिला अस्पताल डूंगरपुर पर सबसे बड़ा 700 किलोवाट का सोलर पैनल लगे है। केंद्र सरकार की योजना के तहत सोलर पैनल लगाए गए है। इससे अस्पताल में बिजल की समस्या दूर हुई है। वहीं, बिजली के बिल के भारी खर्च से भी अस्पताल प्रबंधन को निजात मिली है। अस्पताल में से हर महीने अकेले 10 लाख रुपए से ज्यादा का बिल आता था, लेकिन सोलर पैनल लगने के बाद बिजली के बिल में भारी कटौती हुई हैं।


