भास्कर न्यूज | जांजगीर बैंक में बुजुर्गों और महिलाओं को निशाना बनाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। किसान से ढाई लाख की लूट के मामले में जांच कर रही पुलिस ने बिलासपुर के लॉज से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। 150 से अधिक सीसी फुटेज खंगाल कर पुलिस बिहार के आरोपियों तक पहुंची। गिरोह के सदस्यों ने अलग-अलग जिलों में सात वारदातों को अंजाम देकर करीब 9.83 लाख लूटे हैं। 13 फरवरी को ग्राम धरदेई निवासी गोपेश्वर कुमार पटेल पामगढ़ के भारतीय स्टेट बैंक से 2.5 लाख निकालकर घर लौट रहे थे। इस दौरान आरोपियों ने बैंक के भीतर उनकी रैकी की। फिर बाइक से पीछा कर गांव तक पहुंचे और मौका मिलते ही रकम लूट भाग गए। घटना के 5 दिन बाद आरोपियों को बिलासपुर की एक लॉज से गिरफ्तार किया। आरोपियों की पहचान दीपक यादव (36) और अविनाश उर्फ सनी यादव (28) निवासी कटिहार, बिहार के रूप में हुई है। आरोपियों से 10500 रुपए, चोरी की दो बाइक, चार मोबाइल, फर्जी आधार कार्ड और केंवाच पाउडर जब्त किया है। मुख्य साजिशकर्ता सहित एक अन्य आरोपी फरार है। आरोपियों पर डकैती-चोरी के कई मामले थानों में दर्ज आरोपी बिहार से चोरी की बाइक लेकर बिलासपुर पहुंचे थे। यहां नंबर प्लेट बदलकर लूट को अंजाम देते थे। ढाई लाख की लूट के बाद दोनों ने बाइक बिलासपुर जिला अस्पताल की पार्किंग में खड़ी कर दी थी। आरोपी अविनाश कई बार जेल जा चुका है। 2019 में थाना गया में डकैती, थाना काजी मोहम्मदपुर जिला मुजफ्फरपुर में पॉकेटमारी, 2021 में थाना सोर, जिला नालंदा में चोरी, 2024 में थाना बरियातू, रांची में डकैती व 2025 में थाना डबरवा में आर्म्स एक्ट के केस में जेल जा चुका है। वहीं दीपक 2015 में डगरवा में उठाईगिरी, 2017 में सहेर में आबकारी एक्ट, 2021 में कोढ़ा जिला कटिहार में चोरी और 2022 में थाना भागलपुर में भी चोरी के मामले में जेल गया है। बिहार से लाए चोरी की गाड़ी जिला अस्पताल में पार्क की आरोपियों ने इन वारदातों को भी दिया है अंजाम आरोपियों ने 4 दिसंबर को अंबिकापुर कोतवाली, जिला सरगुजा के बैंक से 2 लाख रुपए, 16 दिसंबर को रायगढ़ जिले के खरसिया थाना क्षेत्र में 1 लाख रुपए, 12 जनवरी को खरसिया क्षेत्र में 2 लाख रुपए, 13 जनवरी को सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 60 हजार रुपए, 16 जनवरी को अंबिकापुर के गांधी नगर थाना क्षेत्र में 88 हजार रुपए और 16 फरवरी को कटघोरा थाना क्षेत्र में 85 हजार रुपए की लूट की है। लूट से पहले केंवाच छिड़क कर भटका देते थे ध्यान पुलिस के अनुसार आरोपी बैंक में बड़ी रकम निकालने आए बुजुर्ग और महिलाओं को निशाना बनाते थे। पीड़ित पर केंवाच पाउडर (खुजली पैदा करने वाला पदार्थ) का इस्तेमाल करते थे, ताकि ध्यान भटकाकर आसानी से रकम लेकर भाग सकें।


