17 साल पुराने धान घोटाले में रिटायर मुलाजिमों को सजा:मोहाली अदालत का फैसला, लुधियाना मिल से गायब हुई थीं 83460 बोरियां

17 साल पुराने धान की बोरियों से जुड़े 2.20 करोड़ के घोटाले में मोहाली स्थित विजिलेंस ब्यूरो की विशेष अदालत ने पंजाब एग्रो फूड कॉरपोरेशन के दो रिटायर्ड कर्मचारियों को दोषी ठहराते हुए पांच साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 20-20 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं भरने पर अतिरिक्त सजा भी होगी। दोषियों में ओमप्रकाश (निवासी लुधियाना) और कुलदीप सिंह (तत्कालीन इंस्पेक्टर, निवासी कुराली, मोहाली) शामिल हैं। ऐसे हुआ था यह घोटाला यह मामला पंजाब के लुधियाना जिले से संबंधित था। विजिलेंस ब्यूरो की तरफ से 2007 में मामला दर्ज किया गया था। जांच में पता चला कि 2005-06 में पंजाब एग्रो फूड कॉरपोरेशन लुधियाना की तरफ से 72,605 धान की बोरियां मंडी से खरीदकर इस राइस मिल में रखवाई गई थीं, जबकि 1,54,252 बोरियां दूसरे जिलों से खरीदकर रखी गई थीं। कुल मिलाकर 2,74,789 बोरियां मिल में रखी गईं। इनमें से 8,658 बोरियां मुल्लांपुर भेज दी गई थीं और 1,34,739 बोरियां बाद में विभाग को दे दी गई थीं। इस मिल से 83,460 बोरियों का घोटाला किया गया था, जिसकी उस समय कीमत दो करोड़ 20 लाख रुपए के करीब थी। इस पर विजिलेंस ब्यूरो ने विभाग के कर्मचारी ओमप्रकाश और इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया था। एक आरोपी की मौत, दूसरा पीओ घोषित जब विजिलेंस की जांच आगे बढ़ी तो पहले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। फिर उनसे पूछताछ में दो और लोगों के नाम सामने आए। श्याम सुंदर, जो उस समय विभाग में मैनेजर था, और ओमप्रकाश, जो ज्योति राइस मिल में पार्टनर था, को जांच में शामिल होने के लिए समन भेजा गया था। श्याम सुंदर जांच में शामिल हो गया था, लेकिन ट्रायल के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं ओमप्रकाश जांच में कभी भी शामिल नहीं हुआ। उसे अदालत की तरफ से 2016 में प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर घोषित कर दिया गया था। इन धाराओं के तहत हुई सजा अदालत ने आईपीसी की धारा 409 (आपराधिक विश्वासघात) के तहत दोनों को 5 साल की सजा और 20-20 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। जुर्माना न चुकाने पर 3 महीने अतिरिक्त कैद होगी। धारा 120बी (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत 6 महीने की सजा और 2 हजार रुपए जुर्माना (न भरने पर 15 दिन अतिरिक्त)। कुलदीप सिंह पर प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत भी 5 साल की सजा और 20 हजार रुपए जुर्माना लगाया गया। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। ट्रायल के दौरान जेल में बिताया समय सजा से कम किया जाएगा।

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