18 गोल्ड मेडल पाने वाली CG की पहली स्टूडेंट:श्रीराधा ने कहा-3 घंटे पढ़कर भी टॉपर बन सकते हैं, मेहनत नहीं स्मार्ट वर्क भी जरूरी

शनिवार को छत्तीसगढ़ के हिदायतुल्लाह नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (HNLU) का आठवां दीक्षांत समारोह हुआ। इसमें UG में 33 और PG के 4 टॉपर्स मिलाकर कुल 37 गोल्ड मेडल दिए गए। इनमें 18 गोल्ड मेडल केवल अकेले UG की स्टूडेंट राधा राय चौधरी को मिला। किसी भी एकेडमिक सेशन में छत्तीसगढ़ के लिहाज से श्री राधा पहली स्टूडेंट हैं जिन्हें 18 गोल्ड मेडल मिले हैं। उनका कहना है कि मेहनत का कोई दूसरा ऑप्शन नहीं है, लेकिन मेहनत के साथ स्मार्ट वर्क भी जरूरी है। इससे रोजाना 2 से 3 घंटे पढ़कर भी टॉपर बना जा सकता है। 18 गोल्ड मेडल पाने वाली श्रीराधा राय चौधरी से दैनिक भास्कर ने की बातचीत…. सवाल – 18 गोल्ड मेडल पाना कोई आम बात नहीं है। जब ये पता चला तब आपका और घर वालों का रिएक्शन कैसा था? जवाब – मुझे पहले थोड़ा शॉकिंग लगा कि इतने गोल्ड मेडल एक साथ कैसे मिले, लेकिन मेहनत की थी। उसका फल मिला तो खुशी हुई, मम्मी-पापा भी बहुत खुश हैं। सवाल – साथ में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स क्या आपको एक टॉपर के चश्मे से देखते हैं, या कि एक नॉर्मल स्टूडेंट के तौर पर? जवाब – फर्स्ट ईयर में तो मैं टॉपर थी, लेकिन सेकेंड ईयर में थोड़ा पीछे रह गई थी। इसके बाद मेहनत करके इसे कंटिन्यू रखा। ऐसा नहीं है कि साथ पढ़ने वाले केवल टॉपर की ही नजर से देखते थे। कई दोस्त भी थे, उनके साथ दूसरे एक्टिविटीज में भी मैं शामिल थी। सवाल – ये जर्नी कैसी रही? फैमिली बैकग्राउंड क्या है और घर वालों का सपोर्ट कैसा था? जवाब – जो भी मैं करना चाह रही थी, उसमें शुरुआत से ही घर वालों का पूरा सपोर्ट रहा। कई बार जब मैं अच्छा नहीं कर पाई, तब भी घर वाले मेरे सपोर्ट में ही रहे। मेरा फैमिली बैकग्राउंड भी एकेडमिक रहा है। मम्मी पहले टीचर थीं, पापा जिओ-लॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया में काम करते हुए रिटायर हुए हैं। मेरी दीदी सर्जन हैं। सवाल – आपकी कोई स्टडी टेक्नीक या ट्रिक थी जिसने आपको दूसरों से अलग बनाया? जवाब – मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता। हार्ड वर्क तो आपको करना ही होगा, लेकिन केवल हार्ड वर्क ही करेंगे तो हो सकता है कि अपेक्षित सफलता ना मिले। इसके लिए आपको स्मार्ट वर्क करना होगा। ये समझना होगा कि एग्जाम्स पैटर्न कैसे रहे हैं। प्रेजेंटेशन स्किल भी काफी इंपॉर्टेंट होती है कि पढ़ी हुई चीजों को कैसे प्रेजेंट कर रहे हैं। अगर आप केवल रट रहे हैं तो अच्छा लिख नहीं पाओगे। कॉन्सेप्ट को समझकर लिखने पर अच्छा प्रेजेंट किया जा सकता है। एक फ्लो चार्ट या डायग्राम तैयार करना ताकी चीजें याद रहे। सवाल – कितने घंटे पढ़ाई की आपने? जवाब – वैसे तो सुबह से दोपहर 2 बजे तक कॉलेज होता था। उसके बाद ही हम पढ़ाई करना शुरू करते थे। 4-5 घंटे रोजाना पढ़ती थी, लेकिन कभी रात भर जागकर पढ़ाई नहीं की। एग्जाम के टाइम भी कभी रातभर नहीं जागी। पूरी नींद लेने के बाद ही एग्जाम हॉल में जाती थी। वैसे रिविजन सबसे ज्यादा इंपॉर्टेंट होता है। अगर ये बरकरार रहे तब दिन में केवल 2-3 घंटे पढ़कर भी टॉपर बना जा सकता है। सवाल – जितने घंटे आप पढ़ाई करती हैं, अगर वही टाइम बिना पढ़ाई किए बिताना पड़े, तो आप उस समय क्या करेंगी? जवाब – मैं कहीं घूमने चली जाउंगी। गाने सुन लूंगी, क्योंकि सॉन्ग सुनना मुझे पसंद है। इसके अलावा एक्स्ट्रा एक्टिविटी में चेस खेलना मुझे पसंद है, तो वो खेलना चाहूंगी। सवाल – वकालत का पेशा ही आपने क्यों चुना ? जवाब – वकालत में काफी ऑप्शन भी है। लॉ सबको जानना चाहिए और इसके लिए जागरूक रहना चाहिए। लोगों को कानून के प्रति जागरूकता लाने के लिए ही ये पेशा चुना। हालांकि, जस्टिस दिलाने की भी बात है, लेकिन वो आगे होगा। सवाल – क्या आपको कभी किसी दोस्त या रिश्तेदार ने मजाक में कहा कि मेरे केस में मेरी वकील तुम ही बनना? जवाब – ऐसा तो बहुत लोगों ने कहा है। मेरी दीदी डॉक्टर हैं, उनसे जुड़े लोग उन्हें कहते हैं कि अब बहन लॉयर बनने वाली है, तब हमारा केस वो ही देखेगी। अब ये देखना होगा कि कैसे लोगों की मदद कर पाती हूं। गोल्ड मेडल तो केवल शुरुआत है। सवाल – आगे का क्या प्लान है? जवाब – अभी NLS, बेंगलुरू से LLM की पढ़ाई कर रही हूं। इसके बाद एकेडमिक या रिसर्च में जाने के बारे में सोच रही हूं, लेकिन इससे पहले 5 साल वर्क एक्सपीरियंस लेना चाहती हूं। सवाल – सोशल मीडिया में आप कितनी एक्टिव हैं? क्योंकि यूथ का सबसे ज्यादा टाइम सोशल मीडिया में ही बीत रहा है। जवाब – इंस्टाग्राम में मैंने अकाउंट ही नहीं बनाया। फेसबुक में पुरानी प्रोफाइल है, जिसे मैं यूज़ नहीं करती। मैं सोशल मीडिया में कभी ज्यादा एक्टिव नहीं रही हूं। सवाल – महिला दिवस के दिन ही आपको 18 गोल्ड मिले हैं। तब ऐसे में क्या मैसेज महिलाओं को देना चाहेंगी? जवाब – केवल महिलाएं ही नहीं सभी से कहना चाहूंगी कि वे मेहनत करें और जिस देश, प्रदेश, संस्थान या टीचर से भी आपको सपोर्ट मिला। उन्हें उनसे ज्यादा लौटाने की कोशिश करें। गोल्ड मेडल पाना एक बेंचमार्क नहीं है, ये केवल एक शुरुआत है। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस थे मुख्य अतिथि कार्यक्रम में बतौर मुख्य ​अतिथि शामिल हुए सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस पीएस नरसिम्हा ने दीक्षांत भाषण दिया। इसमें डिप्टी सीएम अरुण साव विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट के जज प्रशांत कुमार मिश्रा और तेलंगाना हाईकोर्ट के जस्टिस पी श्याम कोशाई भी कन्वोकेशन में हिस्सा लिया। ———————————– इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें IGKV दीक्षांत समारोह में 4191 विद्यार्थियों को मिली डिग्री:मेधावियों को 16 गोल्ड, 18 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज मेडल, राज्यपाल बोले- कृषि में असीम संभावनाएं इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के 10वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल रामेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल हुए। इस मौके पर 4191 छात्रों डिग्री दी गई और 16 मेधावी छात्रों को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि देश के 30 करोड़ से अधिक बच्चे और युवा विभिन्न स्तरों पर शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। उनके उज्जवल भविष्य के लिए गुणवत्तापूर्ण भोजन, शिक्षा और सुविधाएं उपलब्ध कराना सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। पढ़ें पूरी खबर…

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