18 लाख के इनामी नक्सली विवेक यादव की हत्या:प्रेमिका से मिलने आया था कुख्यात, साथियों ने गोली मारकर मौत के घाट उतारा

बिहार-झारखंड के कुख्यात नक्सली विवेक यादव की हत्या कर दी गई है। विवेक यादव पर बिहार सरकार की ओर से 3 लाख जबकि झारखंड सरकार की ओर से 15 लाख यानी कुल 18 लाख का इनाम रखा गया था। दरअसल, गया के नक्सल प्रभावित डुमरिया थाना क्षेत्र में मंगलवार दोपहर में एक लाश मिली थी, जिसकी पहचान देर शाम नक्सली विवेक यादव के रूप में की गई। पुलिस के मुताबिक, नक्सली की पत्नी और साली ने शव की शिनाख्त की है। दरअसल, दोपहर में पुलिस को सूचना मिली थी कि टेकरा खुर्द गांव के पास गवछिया पकवा डैम के नजदीक सुनसान जगह एक अज्ञात व्यक्ति की गोली मार हत्या कर दी गई। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने बताया कि देखने से पता चल रहा है कि देर रात गोली मारकर वारदात को अंजाम दिया गया है। हालांकि, उस दौरान शव की पहचान नहीं हो पाई। पुलिस ने लाश की शिनाख्त और जांच पड़ताल की बात कही थी। देर शाम एसपी सिटी रामानन्द कौशल ने बताया कि दोपहर में जिस व्यक्ति की लाश मिली थी, वह कुख्यात नक्सली विवेक यादव की है। इस बात की पुष्टि उसके परिजनों ने भी शव देखने के बाद की है। वह झारखण्ड और बिहार के लिए आतंक का पर्याय बन चुका था। चेहरे और पीठ पर लगी थी एक-एक गोली नक्सली विवेक यादव के शरीर पर दो गोलियां दागी गईं हैं। एक गोली चेहरे पर लगी है, जबकि दूसरी पीठ में। दोनों जगहों पर जख्म के गहरे निशान हैं। पुलिस ने विवेक यादव के शव के पास से कुछ सामान बरामद किया है, जिसमें खैनी, मास्क और कुछ कागजात शामिल हैं। महबूबा से मिलने आया था नक्सली, साथियों ने मारा बताया जा रहा है कि विवेक यादव अपनी प्रेमिका से मिलने के लिए आया था। इसी दौरान उसके साथियों ने गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। हत्या को क्यों अंजाम दिया गया, ये फिलहाल स्पष्ट नहीं है। आशंका जताई जा रही है कि पुलिस से पकड़े जाने की आशंका पर विवेक के साथियों ने उसकी हत्या की है। फिलहाल, पुलिस वारदात के कारणों की तलाश में जुटी है। बताया जा रहा है कि घटनास्थल से करीब 50 मीटर की दूरी पर चटकपुर के रामलाल चौधरी पासीखाना की झोपड़ी है। पुलिस वहां भी जांच कर रही है। लाश मिलने की सूचना पर इमामगंज पुलिस अनुमंडल पदाधिकारी अमित कुमार मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने टीम के साथ क्राइम सीन सील कर दिया। एफएसएल की टीम को जांच के लिए बुलाया गया। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए मगध मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया था। नक्सली संदीप की मौत के बाद विवेक को मिली थी दक्षिणी बिहार कमांड नक्सली संदीप यादव की बीमारी से मौत के बाद प्रतिबंधित भाकपा माले ने विवेक यादव को दक्षिणी बिहार का जोनल कमांडर बनाया था। विवेक धीरे धीरे अपना वर्चस्व और जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में ख़ौफ कायम कर रखा था। उसके खिलाफ 15 लाख का इनाम झारखण्ड सरकार व बिहार सरकार की ओर से 3 लाख इनाम घोषित था।

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