शहर के मूंगड़ा रोड स्थित वीर दुर्गादास कृषि मंडी में नियमित साफ-सफाई नहीं होने से मंडी परिसर में गंदगी का अंबार लग गया है। करीब दो करोड़ रुपए की लागत से निर्मित इस सब्जी मंडी में पिछले कई महीनों से जगह-जगह कचरे के ढेर जमा हैं, जिससे व्यापारियों, किसानों व आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंडी परिसर में हालात ऐसे हैं कि कचरे के ढेर के पास ही सब्जी विक्रेता दुकानें लगाकर सब्जियां बेच रहे हैं। सुबह से दोपहर तक यहां बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही रहती है। जिले की सबसे बड़ी मंडी होने के कारण आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों सहित शहर के लोग भी यहीं से सब्जी व फल खरीदने पहुंचते हैं। प्रशासन की अनदेखी के कारण मंडी में स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है। जानकारी अनुसार मंडी में फल एवं सब्जी व्यापारियों से नियमित रूप से टैक्स वसूला जाता है, लेकिन इसके अनुपात में साफ-सफाई की कोई ठोस व्यवस्था नजर नहीं आती। सुबह सब्जी व फल की गाड़ियां आने के बाद खाली क्रेट्स व खराब माल का कचरा खुले में ही डाल दिया जाता है। वहीं मंडी में पॉलीथिन की थैलियां बिखरी हुई पड़ी है। दिनभर यह कचरा वहीं पड़ा रहता है, जिससे पूरे परिसर में गंदगी व दुर्गंध बनी रहती है। वहीं कचरे के ढेर पर दिनभर बेसहारा पशु विचरण करते रहते हैं। मंडी परिसर में आने वाली सब्जियों से भरी गाड़ियां मनमाने तरीके से बीच रास्ते में खड़ी कर दी जाती हैं, जिससे जाम की स्थिति बन जाती है। कई विक्रेता भी निर्धारित स्थान के बजाय बीच मार्ग में ही सब्जी बेचने लगते हैं, जिससे खरीदारों व राहगीरों को परेशानी उठानी पड़ती है।


